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नेकपा एमाले ने सभामुख द्वारा बोले गए कुछ शब्दों को संसदीय रिकॉर्ड से हटाने की मांग की

 

१७ जेठ, काठमाडौँ ।

नेकपा एमाले ने सभामुख डोलप्रसाद अर्याल द्वारा बोले गए कुछ शब्दों को संसदीय रिकॉर्ड से हटाने की मांग की है।

प्रतिनिधि सभा नियमावली के नियम ५६ की गलत व्याख्या किए जाने का आरोप लगाते हुए एमाले के प्रमुख सचेतक ऐनबहादुर महर ने यह मांग उठाई।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री से प्रश्नोत्तर के लिए तीन दिन पहले प्रश्न जमा करने की व्यवस्था कहीं भी नहीं है — यह बात सभामुख ने रोस्ट्रम से कही, जो प्रतिनिधि सभा नियमावली के विपरीत है। मैं इस पर आपत्ति दर्ज कराना चाहता हूँ और सभामुख के उन शब्दों को संसदीय रिकॉर्ड से हटाने की मांग करता हूँ।”

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रविवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अचानक सांसदों के सवालों का जवाब दिया।

विपक्षी सांसदों ने यह स्मरण कराया था कि प्रधानमंत्री से प्रत्यक्ष प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में प्रश्न पूछने के लिए तीन दिन पहले ही प्रश्न सभामुख को उपलब्ध कराने का प्रावधान है। हालांकि, सभामुख अर्याल ने कहा था कि तीन दिन पहले प्रश्न जमा कराने का कोई प्रावधान नहीं है।

सभामुख द्वारा प्रतिनिधि सभा नियमावली की कुछ व्यवस्थाओं की की गई व्याख्या को लेकर एमाले ने नियमापत्ति दर्ज कराई है।

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