बाढ़ के बाद बाजारों पर सख्ती, कालाबाज़ारी रोकने के लिए 10 विशेष टीमें तैनात

लगातार बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध होने के कारण बाजारों में खाद्यान्न और रसोई गैस की कृत्रिम कमी तथा कीमतों में बढ़ोतरी रोकने के लिए वाणिज्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बाजार निगरानी तेज करने का फैसला किया है। विभाग मंगलवार (कल) से काठमांडू घाटी में 10 विशेष निगरानी टीमें तैनात करेगा।
विभाग के सूचना अधिकारी अनिल किराँती ने बताया कि अभी तक केवल 4 टीमें बाजार निरीक्षण कर रही थीं, लेकिन मंगलवार से मंत्रालय से आए अतिरिक्त कर्मचारियों सहित करीब 40 अधिकारियों की 10 टीमें मैदान में उतरेंगी। काठमांडू घाटी को 13 क्षेत्रों में विभाजित कर निगरानी अभियान चलाया जाएगा।
हाल के दिनों में सड़कें बंद होने से खाद्यान्न की ढुलाई प्रभावित हुई है। इसी बीच लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा राशन जमा (स्टॉक) करने की प्रवृत्ति भी देखी गई है, जिससे बाजार में कृत्रिम अभाव पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।
अनिल किराँती ने स्पष्ट किया कि फिलहाल बाजार में बिक रही वस्तुएँ पुराने स्टॉक की हैं, इसलिए उनके दाम बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा, “अभी नई खेप बाजार में नहीं पहुँची है और न ही परिवहन किराया बढ़ा है। ऐसे में पुराने स्टॉक को नए और अधिक दाम पर बेचना सीधी कालाबाज़ारी है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि विभाग पिछले दिनों की खरीद और बिक्री कीमतों की जांच करेगा। यदि किसी व्यापारी द्वारा अनुचित मूल्य वृद्धि या कालाबाज़ारी पाई गई, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।