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भारत और चीन को एक-दूसरे से कोई खतरा नहीं : शी जिनपिंग

 

15 जून

बिश्केक. किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग सम्मेलन (एससीओ) के इतर गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन को एक-दूसरे से कोई खतरा नहीं है। भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार और विकास में साझेदारी बढ़ाने के लिए चीन काफी उत्साहित है। मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार चीन के राष्ट्रपति से मिले हैं। उन्होंने जिनपिंग को इस साल अनौपचारिक मुलाकात के लिए भारत आने का न्योता दिया। इसे जिनपिंग ने स्वीकार कर लिया।

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न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, जिनपिंग ने मोदी से कहा कि हमें एक-दूसरे को विकास के मौके देना चाहिए और इसमें कोई खतरा नहीं है। दोनों देश दुनिया के सबसे बड़े बाजार हैं। ऐसे में आपसी समझदारी और सहयोग बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। विवादों को द्विपक्षीय वार्ता के जरिए हल करना चाहिए। साथ चलने से एशियाई क्षेत्र में शांति, स्थायित्व और समृद्धि आएगी।

‘सीमा विवाद सुलझाने के लिए सहयोग जरूरी’ 
जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन को सीमा से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से निपटाने के लिए सहयोग करना चाहिए। विशेष प्रतिनिधियों की बैठक में इसकी प्रक्रिया तय करना होगा। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी को सीमा विवाद सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधि बनाया गया है। अब तक उनके बीच 21 दौर की वार्ता हो चुकी है। भारत-चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) की लंबाई 3488 किलोमीटर है।

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