आओ हम सब बनाले अपने परिवारों को खुशहाल : इन्दु तोदी
अन्तराष्ट्रीय परिवार दिवस पर- शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया ऐ मेरे परिवार!
एक तू ही तो है जहाँ दिल को मिलता आराम,
बाकी दुनिया में मिलता कहाँ ये शुकुन ये आराम।
सोचती हूँ अक्सर मैं ये न होता जो आबाद,
क्या से क्या हो जाता यहाँ आदमी का हाल।
मारा मारा ही रहता वो दुनियाँ में बेरंग बेहाल,
होती है नेमते इसकी कितनी ही
रहते है हम खुशहाल।
है दूआ दिल की टुटे न छुटे यहाँ किसी का परिवार,
सलामत रहे जग में हर किसी का परिवार।
सोचती हूँ हर रोज मैं ये एक बात
होता अगर जो न मेरा परिवार मेरे साथ
तो छान ही रही होती रोज गली गली की मैं खाक।
शुक्रिया ऐ परवर ऐ मेरे मालिक मेरे सरकार,
राजा जहाँ के हम वो हमारा दरबार ।
आओ हम सब बनाले अपने परिवारों को खुशहाल,
नही आ पाए जिस पे मुसीबतों का कोई पहाड़ ।
आओ डटकर रहें राहों की हम बन के ढाल,
इस के होने से ही हम और मेरी हस्ती मालामाल।
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया ऐ शक्ले वालिद ऐ मेरे परिवार।


