खतिवडा अब ‘डिफ्याक्टो’ अर्थमन्त्री
काठमाडौं ।
जननिर्वाचित सरकार के प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने सांसद सदस्य नहीं होने के बाद भी डा. युवराज खतिवडा को ६ महिना तक अर्थमन्त्री बनाया । अब एक बार फिर मन्त्री जैसी सुविधा पाने जैसी विशेष आर्थिक सल्लाहकार बनाकर ‘डिफ्याक्टो’ अर्थमन्त्री की भूमिका दी है ।
अब डा. खतिवडा सांसद नहीं होने की अवस्था में संविधानतः अर्थमन्त्री नही बन सकते, इसलिए प्रधानमन्त्री ओली ने उन्हें ‘डिफ्याक्टो’ अर्थमन्त्री बनाया है ।
अब खतिवडा की भूमिका प्रधामन्त्री को सलाह देना ही सिर्फ नही रहेगा यह आकलन अर्थविदों का है। अब खतिवडा अर्थमन्त्रालय ही नही, उद्योग वाणिज्य तथा आपूर्ति से लेकर भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात से लेकर ऊर्जा मन्त्रालय तक की गतिविधि नियन्त्रण में रखने का आकलन एक पूर्ववाणिज्य सचिव का है ।


