भारत और अमेरिका के रिश्ते और मजबूत
भारत-अमेरिका परस्पर सहयोग को नई ऊंचाई देने के साथ तीसरे देश में भी सहयोग की संभावनाओं पर काम करेंगे। भारत-अमेरिका ने जिस तरह से अपने सहयोग को विस्तारित करने का मन बनाया है, वह चीन को बहुत चुभ सकता है। सूत्रों ने कहा कि चीन का दखल और आक्रामकता कई देशों में लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और अमेरिका की हिंद प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और सामरिक रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।
सूत्रों ने कहा कि चीन का व्यवहार दक्षिण चीन सागर और पूर्व चीन सागर में क्षेत्रीय विवादों को जन्म दे रहा है। लद्दाख में चीनी सेना की आक्रामकता के अलावा ताइवान सहित एशिया और यूरोप के कुछ देशों में भी चीनी व्यवहार को लेकर चिंता है। क्वाड के देश इस आक्रामकता के खिलाफ अलग तरीके से काम कर रहे हैं। टू प्लस टू बैठक में भी चीनी आक्रामकता पर चर्चा हुई, हालांकि रणनीति के तहत भारत ने चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन अमेरिका खुलकर चीन को घेर रहा है।

