संसद् बिघटन असंवैधानिक ! न्यायालय के प्रति आशावादी हूंः पूर्व राष्ट्रपति डॉ. यादव

काठमांडू, ३१ दिसम्बर । पूर्व राष्ट्रपति डा. रामवरण यादव ने कहा है कि संसद् बिघटन असंवैधानिक कदम है । उनका मानना है कि प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली को संसद् बिघटन करने की अधिकार वर्तमान संविधान में नहीं है । राष्ट्रीय मेलमिलाप दिवस के अवसर पर बिहीबार काठमांडू में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए डा. यादव ने ऐसा कहा है ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डा. यादव ने कहा– ‘संसद् बिघटन के कारण लोकतन्त्र और राष्ट्रीयता को दूरगामी असर पाड़नेवाला है । लोकतन्त्रवादी अन्य व्यक्ति न्यायालय से न्याय प्राप्त होने की अपेक्षा कर रहे हैं, मैं भी इसी अपेक्षा में हूं ।’ उन्होंने यह भी कहा है कि आज नेपाल में जो राजनीतिक परिस्थितियां है, इसके प्रति अन्तर्राष्ट्रीय जगत की ध्यान आकृष्ट हो रहा है ।
लोकतन्त्रवादियों को अपने कर्तव्य इमानदारिता के साथ निर्वाह करने के लिए आग्रह करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डा. यादव ने कहा कि भू–राजनीतिक परिस्थिति, सम–सामयिक अवस्था के प्रति सचेत रहकर विदेश नीति लाना चाहिए, नहीं तो राष्ट्र संकट में पड़ सकता है । उनका यह भी कहना है कि आज के दिन क्षेत्रीय राजनीति भी संकटपूर्ण अवस्था में है ।

