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शौर्य की भाषा का कालजयी ग्रन्थ है भारत के इक्कीस परमवीर-वी के सिंह

 

 


14 फरवरी, 2021:(हिमालिनी दिल्ली ब्यूरो) भारतीय सेना के अद्भुत शौर्य एवं पराक्रम की भाषा का अद्भुत अंतर्राष्ट्रीय काव्यग्रँथ है *भारत के इक्कीस परमवीर* । इस ग्रन्थ में लिखी कविताओं से हमारी पीढ़ियों में देशभक्ति का संचार होगा।
वैश्विक स्तर पर हिंदी के लिये समर्पित काव्यकुल संस्थान (पंजी.) द्वारा हिंदी भवन दिल्ली में आयोजित ‘भारत के इक्कीस परमवीर’ अंतर्राष्ट्रीय काव्य संग्रह के लोकार्पण अवसर पर उपरोक्त विचार मुख्य अतिथि जनरल वी के सिंह(सेवानिवृत्त) केंद्रीय राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने प्रकट किये।
जनरल वी के सिंह ने कहा इस ग्रन्थ के सम्पादक एवं काव्यकुल संस्थान के अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार पांडेय ने बड़ा श्लाघनीय कार्य कर देश की सेना का मान बढ़ाया है। इस प्रकार का कालजयी ग्रन्थ हिंदी साहित्य की अनुपम निधि है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष महेश चन्द्र शर्मा पूर्व महापौर ने कहा भारत के परमवीरों की गाथा का गायन करने वाला पहला काव्य ग्रन्थ है जहाँ एक साथ इक्कीस परमवीरों को पढ़ा जा सकता है।
मुख्य समीक्षक ख्यातिलब्ध साहित्यकार, समालोचक ओम निश्छल ने *भारत के इक्कीस परमवीर* ग्रन्थ को ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हुए कहा कि किसी धर्म ग्रन्थ की तरह पुनीत एवं पावन है जो भारतीय सेना की शौर्य गाथा को उद्घाटित करता है। वीररस की कविताएं उत्साह का संचार करती हुई हमें देश के प्रति अपने कर्तव्य का बोध कराती हैं।
विशिष्ट अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल वी के चतुर्वेदी(से.नि.) ने इस ग्रन्थ को अभूतपूर्व काव्य संग्रह की संज्ञा दी।
विशिष्ट अतिथि बी सी एफ के पूर्व एडिशनल डी जी पी के मिश्रा, वरिष्ठ साहित्यकार इंदिरा मोहन, सुदर्शन चैनल के सी ई ओ सुरेश चौहाणके ने इसे संग्रहणीय ग्रन्थ बताया।
जब मंच के द्वारा इस ग्रन्थ का लोकार्पण किया गया तब पूरा हिंदी भवन भारत माता की जय से गूँजने लगा।।
ग्रन्थ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए संकलन कर्ता ओंकार त्रिपाठी ने बताया कि बीते वर्ष 22 नवम्बर में काव्यकुल संस्थान ने परमवीर चक्र विजेताओं पर 151 कवियों का ऑनलाइन कार्यक्रम किया था। उन्ही कवियों में से चयनित 101 कवियों की कविताओं को इस ग्रन्थ में संकलित किया गया है, जिसमें भारत अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, रूस, तंजानिया, दोहा कतर, केन्या आदि देशों के रचनाकार हैं।
परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव का नागरिक इस अवसर पर नागरिक अभिनन्दन किया। सभी उपस्थित साहित्यकारों ने खड़े होकर उनका अभिवादन कर देश के प्रति उनकी बहादुरी को नमन करते हुए देशभक्ति के उदघोषों से वातावरण गुंजायमान कर दिया।
इस लोकार्पण समारोह में भारत के कई राज्यों से आये वे साहित्यकार जिनकी कविताओं को इस ग्रन्थ में स्थान मिला ऐसे 51 साहित्यकारों को परमवीर सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस ग्रन्थ में प्रकाशित कवियों से उनकी कविता का पाठ कराया गया। इस अवसर पर प्रीतम कुमार झा,सुधा बसोर गाजियाबाद,सुनीता पुनिया दिल्ली,मोहन संप्रास, फरीदाबाद
साधना मिश्रा लखनऊअनुपमा पांडेय “भारतीय” गाजियाबाद,यशपाल सिंह चौहान नई दिल्ली,रीता गौतम गोरखपुर, सूर्यप्रकाश श्रीवास्तव “सूर्य”,डॉ राम निवास’इंडिया’, दिल्ली,नेहा शर्मा,नोयडा, नोएडा,राजेश कुमार सिंह “श्रेयस” लखनऊ,सुनील सिंधवाल ‘रोशन’ दिल्ली,ब्रज माहिर फरीदाबाद,दीपा शर्मा गाजियाबाद,आचार्य शुभेन्दु(प्रदीप)त्रिपाठी दिल्ली,पं. विनय शास्त्री ‘विनयचंद’, डॉ भोला दत्त जोशी, पुणे,जय प्रकाश शर्मा , नागपुर,डॉ अशोक कुमार ‘मयंक’ दिल्ली,कुसुमलता ‘कुसुम’, नई दिल्ली, कुमार रोहित रोज़, दिल्ली,सन्तोष कुमार पटैरिया महोबा, उत्तर प्रदेश,राजकुमार छापड़िया, मुंबई,सन्तोष कुमार प्रजापति ‘माधव’ महोबा उत्तर प्रदेश,डॉ पुष्पा गर्ग ‘हापुड़’,रजनीश स्वछन्द दिल्ली,गार्गी कौशिक, गाजियाबाद,मीरा कुमार मीरू, ग़ाज़ियाबाद ,मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ प्रयागराज,शरद कुमार सक्सेना “जौहरी ” एडवोकेट कानपुर
आचार्य प्रद्योत पाराशर,डॉ उदीशा शर्मा, गाजियाबाद,वेदस्मृति ‘कृती’ पुणे ,इंजी०अशोक राठौर, ग़ाज़ियाबाद,विद्या शंकर अवस्थी ,कानपुर, चंचल पाहुजा, गाजियाबादडॉ. अनिता जैन ‘विपुला’ उदयपुर राजस्थान ,राजीव कुमार गुर्जर मुरादाबाद,सोमदत्त शर्मा ‘सोम’ नोयडा
,ज्ञानवती सक्सैना ‘ ज्ञान’जयपुर, राजस्थान, ऋतु यादव अबूधाबी,डॉ अंजू अग्रवाल,डॉ रजनी शर्मा ‘चंदा’,रांची झारखंड,कैप्टन(डॉ)ब्रह्मानन्द तिवारी ‘अवधूत’ मैनपुरी, अवनीश अग्रवाल दोहा क़तार,बृंदावन राय ‘सरल’ सागर,मध्य प्रदेश, अशोक कुमार जाखड़ हरियाणा, कुन्ती हरिराम झाँसी आदि इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने।
इस अवसर पर डॉ राजीव कुमार पाण्डेय को सम्पादन कार्य के लिये एवं ओंकार त्रिपाठी को संकलन कार्य के लिये भी सम्मानित किया गया।
आयोजन समिति के सदस्य यशपाल सिंह चौहान, ब्रज माहिर,राजकुमार छापड़िया,अनुपमा पाण्डेय भारतीय, कुसुमलता कुसुम,दीपा शर्मा,गार्गी कौशिक, अशोक कुमार राठौर, राजेश कुमार सिंह श्रेयस, राजीव कुमार गुर्जर ने सभी अतिथियों का बुके , शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कुसुमलता ‘कुसुम’के द्वारा माँ वाणी की वंदना सुमधुर कंठ से की गयी। धन्यवाद ज्ञापन यशपाल सिंह चौहान किया। संचालन डॉ राजीव कुमार पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का समापन वन्देमातरम के साथ हुआ।

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