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कोरोना-उत्पत्ति की जाँच पर भारत ने किया पहली बार वैश्विक मुहिम का समर्थन

 

भारत ने पहली बार आधिकारिक रूप से उस वैश्विक मुहिम को समर्थन दिया है, जिसके तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्युएचओ) कोरोना वायरस के जन्मस्थान के बारे में व्यापक अध्ययन करा रहा है।

भारत ने यह समर्थन उस वक्त दिया है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी खुफिया एजेंसियों से कहा है कि वे महामारी के जन्मस्थान के बारे में जांच के लिए अपनी कोशिशें तेज करें और 90 दिनों में ऐसी जानकारी जुटाएं, जिसके आधार पर किसी ठोस नतीजे तक पहुंचा जा सके।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोविड-19 की उत्पति से जुड़ी जांच का अध्ययन एक अहम कदम है। इस मामले में अगले चरण की जांच की जरूरत है, ताकि किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सके। इस जांच और अध्ययन के लिए (डब्ल्युएचओ) को सभी से मदद मिलनी चाहिए।

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कोरोना वायरस का 2019 के उत्तरार्ध में पहली बार चीन के शहर वुहान में पता चला था। मार्च में डब्ल्यूएचओ वायरस की उत्पत्ति के बारे में एक रिपोर्ट लेकर आया था, मगर अमेरिका समेत कई देशों ने इससे संतुष्टि नहीं जताई थी।

रिपोर्ट में तब कहा गया था कि इसके किसी प्रयोगशाला में शुरू होने की संभावना बेहद कम है। डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों द्वारा चीन में महामारी के केंद्र वुहान सहित अन्य स्थानों पर अभियान के संचालन के तौर तरीकों तथा बीजिंग से पर्याप्त सहयोग की कमी को लेकर अमेरिका और कुछ अन्य देशों ने चिंता जताई थी।

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न्यायविदों की अंतरराष्ट्रीय संस्था आईसीजे ने कोविड पर डब्ल्यूएचओ से श्वेत मंत्र मांगा
न्यायविदों की अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट (आईसीजे) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से कोरोना वायरस की शुरुआत और उसके प्रसार पर दुनिया के संदेह को दूर करने के लिए श्वेत पत्र जारी करने मांग की है।

आईसीजे ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से कोविड-19 से जुड़ी सभी वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जानकारियों की मांग करते हुए उन रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिनमें ये दावे किए जा रहे थे कि कोरोना वायरस वुहान के बाजार से नहीं बल्कि वुहान की प्रयोगशाला से पनपा है।

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आईसीजे ने कहा कि यदि कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ श्वेत पत्र जारी करता है तो इससे उसकी साख बढ़ेगी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक को लिखे पत्र में कहा गया है कि दुनियाभर में कोरोना से बिगड़े हालात से आक्रोश है।

आईसीजे के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता एसी अग्रवाल ने कहा कि कोरोना की शुरुआत और प्रसार पर आई कई रिपोर्ट से शंकाएं बढ़ी हैं। आईसीजे ने कहा कि जब चीन के वुहान स्थित बाजार से कोरोना फैला तो दुनिया को समय पर इसकी जानकारी नहीं दी गई।

 

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