हिंदी मासिक पत्रिका हिमालिनी के24वें वर्षगाँठ पर महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी जी ने बधाई दी
राजभवन मुंबई: नेपाल से निरंतर 24 वर्षो से हिंदी में प्रकाशित हो रही मासिक पत्रिका हिमालिनी के सफलतापूर्वक साहित्यिक सफ़र के उपलक्ष्य पर पत्रिका के नेपाल से विशेष रूप से निमंत्रित प्रबंध निदेशक श्री सच्चिदानंद मिश्रा ने महामहिम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल जी को पत्रिका की नवीनतम प्रति भी सादर भेंट की । हिमालिनी पत्रिका के दिल्ली ब्यूरो प्रमुख-असिस्टेंट प्रोफ़ेसर सुरेन्द्र सिंह डोगरा ने बताया कि हमारी पत्रिका की शुरुआत भारत के पूर्व प्रधानमंत्री (स्वर्गीय) अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रेरणा से हुई | भारत रत्न-अटल जी जब चौबीस वर्ष पूर्व नेपाल दौरे के दौरान (स्वर्गीय) डॉ. कृष्णचन्द्र मिश्र जी से मिले तो उन्होंने ही हिंदी पत्रिका को नेपाल से प्रकाशित करने के लिए प्रेरित किया | जिसके परिणामस्वरूप हिमालिनी पत्रिका का काठमांडू से प्रकाशन शुरू कर दिया गया था | अपने साहित्यिक लम्बे सफ़र में, आज हिमालिनी पत्रिका विश्व के पचपन देशों में हिंदी के दिग्गज साहित्यकारों, पत्रकारों एवं पाठकों के दिलों में विशेष स्थान स्थापित कर चुकी है | गौरतलब है कि डॉ. कृष्णचन्द्र मिश्र, सच्चिदानंद जी के पिता थे तथा नेपाली, संस्कृत तथा हिंदी भाषा के ज्ञाता, साहित्यकार तथा हिंदी साहित्य प्रेमी थे | महाराष्ट्र राज्य के राज्यपाल कोश्यारी जी ने हिमालिनी पत्रिका के हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने हेतु तथा अगले वर्ष रजत जयंती वर्ष पूरा करने के लिए हिमालिनी पत्रिका समूह टीम को अग्रिम शुभकामनाएं दीं। महामहिम से शिष्टाचार मुलाकात में मिश्रा जी के अलावा प्रसिद्ध लेखक प्रिया सावंत, सुनील देशपांडे और राज भाकरे भी उपस्थित थे।


