दलित को सभी क्षेत्रों में आरक्षण की जरूरत : उपेन्द्र यादव
जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । नेपाल के दलित को सरकारी क्षेत्र सहित स्थानीय, प्रदेश तथा संघीय क्षेत्र में आरक्षण की जरूरत है। उपयुक्त बातें जनता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने जनता समाजवादी पार्टी के भ्रातृ संगठन समाजवादी दलित मुक्ति मोर्चा के दो दिवसीय सम्मेलन में उद्घाटन सत्र में प्रमुख अतिथि पद से बोलते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में 26करोड़ उत्पीड़ित वर्ग है। इसमें सवसे अधिक दक्षिण एशिया के भारत और नेपाल में हैं। अभी भी नेपाल में खासकर मधेश के दलित छुआछूत, अशिक्षा, अंध विश्वास, जैसे समस्या से जूझ रहे हैं। जो समाज को सफाई करते हैं। वे स्वयं गंदगी में रहने पर मजबूर हैं। आज के दौर में चुनाव काफी खर्चीला है। इसलिए मेयर, प्रदेश सांसद तथा सांसद के चुनाव के लिए सीट आरक्षित होना चाहिए।
इस उद्घाटन सत्र में प्रदेश दो के मुख्यमंत्री मो. लाल बाबू राउत ने कहा कि नेपाल के प्रदेश दो में ही दलित बिधेयक लाया गया है। जिसके तहत दलित को 18 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। दलित के हिंसा रोकने के लिए आयोग गठन किया गया है। दलित छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मुफ्त ऋण मुहैया कराने के लिए भी प्रदेश सरकार काम कर रही है। प्रदेश दो में 18 फीसदी दलित की आवादी हैं। खिम बहादुर विश्वकर्मा की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रदेश दो के अध्यक्ष प्रदेश सांसद चमेली दास ने किया। जनकपुरधाम उप महा नगर पालिका के मेयर लाल किशोर साह ,जसपा प्रदेश दो के अध्यक्ष सांसद राम बावू राय यादब सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में जय भीम का उद्घोष जरुर हुआ। लेकिन अंवेदकर नाम का कोई नेता जिक्र तक नहीं किए। मंच संचालक तो इतना तक बोले कि नेपाल में माओ, मार्क्स के सिद्धांत की राजनीति नेकपा एमाले तथा माओवादी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दलित को गांधी, अम्बेडकर के सिद्धांत की कोई आवश्यकता नहीं हैं। नेपाल दलित उपेन्द्र यादव के सिद्धांत पर चलेंगे। जसपा के नेताओं ने जमकर दलितो को लॉलीपॉप दिए।









