जयनगर से कुर्था तक ट्रेन का परिचालन, होगी आर्थिक बचत, व्यापारियों को मिलेगा लाभ
जयनगर से नेपाल के कुर्था तक ट्रेन का परिचालन प्रारंभ हो जाने से दोनों देश के नागरिकों को आर्थिक बचत भी होगी। अभी सड़क मार्ग से जाने पर अधिक रुपये खर्च करने पर रहे हैं। साथ ही कई जगहों पर वाहन भी बदलना पड़ता है। जयनगर से जनकपुर तक सड़क मार्ग से जाने पर दो जगहों पर वाहन बदलना पड़ता है। साथ ही, बार्डर पर दोनों देश के सुरक्षा बलों द्वारा किए जाने वाले जांच का भी सामना करना पड़ता है। सड़क मार्ग से जनकपुर जाने में अभी करीब दो सौ रुपये खर्च हो जाते हैं, जबकि ट्रेन से अब लोग मात्र 43.75 रुपये के टिकट पर जनकपुर पहुंच सकते हैं।
इस रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन प्रारंभ हो जाने से व्यापारियों को भी काफी लाभ होगा। जयनगर के व्यापारियों में खुशी की लहर है। यहां का व्यापार दशकों से नेपाली ग्राहकों पर टिका है। ट्रेन सेवा बंद हो जाने से यहां का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ था, लेकिन इसके फिर से पटरी पर आ जाने की उम्मीद है। अभी जयनगर शहर में प्रतिदिन ढाई से तीन करोड़ का कारोबार होता है, जो बढ़कर चार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
नेपाल-भारत के बीच जयनगर-कुर्था रेलखंड पर यात्री ट्रेन का परिचालन प्रारंभ होने से जयनगर शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इसका फायदा पूरे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। नेपाल के प्रमुख धार्मिक नगरी और मां जानकी की धरती जनकपुर तक एक बार फिर ट्रेन से श्रद्धालुओं को जाने की सुविधा मिलेगी। वहीं, जनकपुर जाने के लिए पूरे देश से लोग जयनगर पहुंचेंगे। इससे स्थानीय बाजार व होटल व्यवसाय को भी समृद्धि मिलेगी।

