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देश प्रतीक्षा कर रहा है ७६ महिला सांसदों का : कंचना झा

kanchan jha
 

कंचना झा, काठमांडू, २३ मंसिर – चुनाव के खत्म होने के बाद अब सरकार बनाने की रस्साकस्सी चल रही है । समानुपातिक की भी मतगणना हो चुकी है । समानुपातिक की ओर से महिलाओं की सहभागिता की बात चल रही है तो ऐसे में आयोग ने यह तय कर दिया है कि समानुपातिक की ओर से ७६ महिला सांसद चाहिए ।
निर्वाचन आयोग ने समानुपातिक सीट को बांटने के लिए दलों से उम्मीदवारों के नाम मांगा है । प्रतिनिधिसभा और प्रदेश सभा के लिए हुए मंसिर ४ को सम्पन्न निर्वाचन में प्राप्त मत के आधार में दलों को सीट बांटने का आयोग ने सीट में बन्दसूची से उम्मीदवार निर्वाचित करने के लिए नाम मांग की है । सभी दलों को कहा गया है कि समानुपातिक समावेशी सिद्धान्त अनुसार नाम भेजें । आयोग के अनुसार १० प्रतिशत से ज्यादा सीट प्राप्त करने वाले चार दलों को ३३ प्रतिशत महिला सुनिश्चित कर अधिकतम बन्दसूची से नाम भेजना होगा । १० प्रतिशत से कम सीट प्राप्त करने वाले दल से भी कहा गया है कि यथासम्भव क्लस्टर मिलाए ।
३४ सीट पानेवाली एमाले आदिवासी जनजातिकी ओर से १०, खस–आर्य की ओर ११, थारु २ दलित ५ मधेशी ५, मुस्लिम की ओर से १ का प्रतिनिधित्व कराना ही होगा । १ पिछडे क्षेत्र को समेटना पड़ेगा । इसी तरह इसी क्लस्टर से संघीय संसद में ३३ प्रतिशत महिला सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए नियम अनुसार एमाले को १९ महिलाओं का नाम बन्दसूची से देना ही पड़ेगा । इसी तरह ३२ सीट पाने वाली कांग्रेस को आदिवासी जनजाति में ९, खस–आर्य में १०, थारू में २ , दलित में ५, मधशी में ५ और मुस्लिम से १ प्रतिनिधित्व कराना ही होगा । जिसमें फिर १ पिछडे क्षेत्र से भी समेटना होगा । इस तरह कांग्रेस को महिला कोटा सुनिश्चित कर २९ का नाम भेजना ही पड़ेगा ।

इसी तरह १४ सीट लाने वाली माओवादी केन्द्र आदिवासी जनजाति से ४, खस–आर्य से ४, थारू से १, दलित से २ से, मधेशी से २ और मुस्लिम से १, प्रतिनिधित्व कराने के साथ १ पिछड़े क्षेत्र से होना ही चाहिए इसी तरह एक तिहाइ महिला सुनिश्चित १२ महिला को बन्दसूची से समेटना होगा ।
१३ सीट पाने वाली राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी समानुपातिक बन्दसूची से आदिवासी जनजाति में तीन, खस–आर्य से ४, थारू से १, दलित से२, मधेशी से २ और मुस्लिम से १ का प्रतिनिधित्व कराना होगा । इन्हीं में से १ पिछड़े क्षेत्र से लाना ही होगा । इस पार्टी से संघीय संसद में ३३ प्रतिशत सहभागिता के लिए ५ महिला सुनिश्चित करना होगा ।
१० प्रतिशत से कम सीट प्राप्त करने वाले दल यथासम्भव क्लस्टर मिलाने के लिए कहा गया है । इसी तरह ७ सीट पाने वाली राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी आदिवासी जनजाति में कम से कम २ और अधिकतम ३ देना होगा । खस आर्य में कम से कम २ और अधिकतम ३ देना ही होगा । थारु में न्यूनतम नहीं देने से भी होगा । अधिकतम १ दे सकता है । इसमें राप्रपा  स्वविवेक प्रयोग कर सकते हैं । दलित में भी नहीं देने से भी होगा । अधिकतम १ प्रतिनिधित्व करा सकते हैं  । मधेशी में न्यूनतम १ और अधिकतम २ देना ही होगा  । मुस्लिम में नहीं देने से भी होगा अधिकतम १ देना ही होगा । पीछड़े क्षेत्र से प्रतिनिधित्व कराने के लिए आयोग ने अनिवार्य किया है । ३३ प्रतिशत महिला सहभागीता के लिए राप्रपा ने समानुपातिक बन्दसूची से ५ महिला का नाम देना ही होगा ।
इसी तरह ५ सीट पाए जसपा से आदिवासी जनजाति में कम से कम १ और अधिकतम २, खस आर्य में भी कम से कम १ और अधिकतम २ प्रतिनिधित्व कराना ही होगा । थारु, दलित, मधेशी, मुस्लिम तथा पिछड़े क्षेत्र में बाध्यकारी नहीं किया है अधिकतम १ कहा गया है । जसपा ने भी इसमें स्वविवेक प्रयोग कर सकता है । महिला कोटा पूरा करने के लिए ४ का नाम भेजना ही होगा । ५ ही सीट पाए हुए जनमत पार्टी के हक में भी जसपा पर भी नियम लागू होगा । महिला कोटा सुनिश्चित करने २ का नाम भेजना पड़ेगा ।
प्रदेश १ ः समानुपातिक की ओर से थ्रेसहोल्ड कटने वाले ६ दल ने सीट प्राप्त किया है । १५ सीट प्राप्त करने वाले एमाले से आदिवासी जनजाति में ७, खस–आर्य में ४, थारू में १, दलित में १, मधेशी में १, मुस्लिम में १ जना प्रतिनिधित्व कराना होगा । इनमें से अल्पसंख्यक समूह से ३ अनिवार्य प्रतिनिधित्व कराना होगा । प्रत्यक्ष की ओर से १ भी महिला नहीं जीतने वाले एमाले ने कुल ४० सीट के ३३ प्रतिशत अर्थात् १४ महिला प्रतिनिधित्व पर उल्लेखित क्लस्टर अनुसार समानुपातिक से कराना होगा ।
१२ सीट पाने वाली कांग्रेस ने आदिवासी जनजाति से ६, खस–आर्य से ३, थारू, दलित, मधेशी से १–१ प्रतिनिधित्व करना होगा । आयोग ने अल्प संख्यक से २ अनिवार्य लाने के लिए कहा गया है । आयोग के अनुसार कुल २९ सीट हासिल किए हुए कांग्रेस ने ३३ प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समानुपातिक से १० महिला देना ही होगा ।
४ सीट पाने वाली माओवादी केन्द्र ने आदिवासी जनजाति २, खस–आर्य १ और दलित १ देना होगा । इसमें अल्पसंख्यक समूह से १ को समेटना ही होगा ।
४ सीट पाने वाली राप्रपा को भी आदिवासी जनजाति २, खसआर्य १ और दलित १ देना ही होगा । इसमें अल्पसंख्यक समूह से १ समेटना पड़ेगा । वैसे ही एक महिला देना ही होगा ।
एक–एक सीट पाने वाली एकीकृत समाजवादी और जसपा आदिवासी जनजाति से प्रतिनिधित्व करवाना ही होगा । दोनों दलों को एक सिट में महिला को देना ही होगा ।

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मधेस ः मधेस प्रदेश सभा में कांग्रेस ने समानुपातिक की ओर से ९ सीट प्राप्त किया है । आदिवासी जनजाति से १,दलित २, मधेशी ५ और मुस्लिम से १ को चुनना होगा । इसी क्लस्टरमध्ये २ अल्पसंख्यक को लाना ही होगा । एकतिहाई सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए बन्दसूची से ८ महिला चुनना होगा ।
एमाले ने ८ सीट प्राप्त करने में आदिवासी जनजाति १, दलित १, मधेशी ५ और मुस्लिम १ बन्दसूची से चुनना होगा । २अल्पसंख्यक होना ही होगा । ३३ प्रतिशत सहभागिता पहुँचाने के लिए ७ महिलाओ को चुनना ही होगा । ७ सीट पाने वाली जसपा आदिवासी १, दलित १, मधेशी ४ और मुस्लिम १ चुनना ही होगा । इसमें २ अल्पसंख्यक का प्रतिनिधित्व करना ही होगा । और ६ महिला को होना ही है । जनमत पार्टी ने ७ प्राप्त किया अब आदिवासी १, दलित १, मधेशी ४, मुस्लिम १ लाना ही होगा । इसमें २ अल्पसंख्यक होना ही होगा और ५ महिला होना ही होगा ।

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४ सीट लाने वाली माओवादी केन्द्र बन्दसूची से दलित १, मधेशी २ और मुस्लिम १ को चुनना होगा  । इसमें १ अल्पसंख्यक होना ही होगा । ३ महिला को चुनना ही होगा ।
एकीकृत समाजवादी ने ३ सीट प्राप्त किया जिसमे दलित १, मधेशी २ देना ही होगा  । इसमें १ होना ही होगा  । २ महिला को समेटना ही होगा ।
लोसपा २ सीट में २ मधेशी चुनना ही होगा । २ महिला होना ही होगा । इसमें भी १ अल्पसंख्यक होना ही होगा ।
समान एक–एक सिट पाने वाली राप्रपा और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी मधेशी तथा नेपाल संघीय समाजवादी पार्टीे मुस्लिम को चुनना होगा ।इसमें सभी महिला को होना होगा ।

बागमती ः १४ सीट पाने वाली एमाले आदिवासी में ८, खस–आर्य में ५, दलित में १ चुनना होगा । इसी क्लस्टर से ९ महिला होना ही चाहिए । १ अल्पसंख्यक को समेटना होगा ।
१२ सीट पाने वाली कांग्रेस आदिवासी में ६, खस–आर्य में ५, दलित में १ को समेटना होगा । इसमें ११ महिला होना ही होगा । १ अल्पसंख्यक होना ही होगा ।
माओवादी केन्द्र ७ सीट पाने में आदिवासी में ४, खस–आर्य में ३ को जहगह देना ही होगा । १ अल्पसंख्यक होना ही होगा । ५ महिला को भी लाना ही होगा ।
राप्रपा के ६ सीट में आदिवासी ४, खस–आर्य २ देना ही होगा । इसमें ५ महिला होना होगा । २–२ सीट पाने वाली एकीकृत समाजवादी और नेमकिपा आदिवासी १ और खस–आर्य से १ जको देना ही होगा । इसमें समाजवादी से २ महिला और नेमकिपा से १ महिला को समेटना ही होगा । १ सीट पाने वाली हाम्रो नेपाली पार्टी को आदिवासी से ही वो भी महिला को ही चुनना होगा ।
गण्डकी ः समानुपातिक में १० सीट पाने वाली एमाले को आदिवासी में ४, खस–आर्य में ४ और दलित में २ सीट बांटना होगा । इसमें १ अल्पसंख्यक होना ही होगा । ३३ प्रतिशत सुनिश्चितता के लिए ६ महिला होना होगा ।
९ सिट पाने वाली कांग्रेस से महिला सहभागिता ३३ प्रतिशत पहुँचाने के लिए ९ महिला को चुनना ही होगा । क्लस्टर अनुसार आदिवासी से ४, खस–आर्य से ३ और दलित से २ को लाना ही होगा । इसमें १ अल्पसंख्यक को होना ही होगा ।
माओवादी केन्द्र से सभी महिला को ही चुनने का आयोग का हिसाब है । आदिवासी से १, खस–आर्य से १ और दलित से १ को चुनना होगा ।

२ सीट लाने वाले राप्रपा को आदिवासी और खस–आर्य से १–१ को चुनना होगा । उसमें भी एक महिला होनी ही चाहिए ।
लुम्बिनी ः एमाले ने ११ सीट प्राप्त करके आदिवासी २, खस–आर्य ३, थारू २, दलित २, मधेशी १ और मुस्लिम से १ को चुनना होगा । इसमें १ अल्पसंख्यक होना ही होगा । एक तिहाई प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए क्लस्टर अनुसार १० महिला को चुनना होगा ।
कांग्रेस के १० सीट में आदिवासी २, खस–आर्य ३, थारू २, दलित १, मधेशी १, मुस्लिम १ प्रतिनिधित्व होना ही होगा । इसमें १ अल्पसंख्यक होना ही होगा । कलस्टर अनुसार ९ महिला को चुनना ही होगा ।
माओवादी केन्द्र को ४ सीट मिला जिसमें आदिवासी १, खस–आर्य १, थारु १ और दलित १ भाग लगेगा । फिर २ महिला होना ही होगा ।
२–२ सीट प्राप्त करने वाली राप्रपा, जनमत पार्टी और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी आदिवासी से १ और खस–आर्य से १ प्रतिनिधित्व कराना ही पड़ेगा । राप्रपा और नागरिक उन्मुक्ति के २ सीटों में महिला को ही लाना होगा । वही जनमत से १ महिला को चुनना होगा ।
एकीकृत समाजवादी, जसपा, जनमोर्चा और लोसपा १–१ सीट पाने में खस–आर्य से चुनना होगा । सभी महिला होनी चाहिए ।
कर्णाली ः एमाले ५ सीट पाने में आदिवासी १, खस–आर्य ३, दलित से १ को चुनना ही होगा । पीछड़े क्षेत्र से २ को आना ही होगा । ३३ प्रतिशत सहभागिता पहुँचाने के लिए ४ महिलाको समेटना ही होगा ।
कांग्रेस को ५ सीट मिला जिसमें ५ महिला को आना ही होगा । आदिवासी १, खस–आर्य ३ और दलित से १ चुनना ही होगा । पीछड़े क्षेत्र से २ समेटना पड़ेगा ।

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माओवादी केन्द्र ने ४ सीट पाने में आदिवासी १, खस–आर्य १, दलित १ को चुनना ही होगा । पीछड़े क्षेत्र से १ को आना ही होगा । साथ ही ४ महिला को ही आना ही होगा । १–१ सीट प्राप्त किए हुए राप्रपा और एकीकृत समाजवादी से खस–आर्य महिला को चुनना होगा ।
सुदूरपश्चिम ः समानुपातिक में ७ सीट प्राप्त हुए एमाले को खस–आर्य में ५, थारू १ और दलित १ जना प्रतिनिधित्व कराना ही होगा । इसी मध्ये पीछड़े क्षेत्र से १ को चुनना ही होगा । ३३ प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए ४ महिला को ही चुनना ही होगा ।
कांग्रेस ने भी ७ सीट प्राप्त किया है और ७ महिला ही होनी चाहिए । खस–आर्य से ५, थारू १ और दलित से १ प्रतिनिधित्व कराने का आयोग का हिसाब है । इस मध्ये पीछड़े क्षेत्र से १ को चुनना होगा ।
माओवादी केन्द्र ने ३ सीट लाने में खस–आर्य २ और दलित १ का नाम देना ही होगा । और ३ महिला ही होनी चाहिए । नागरिक उन्मुक्ति पार्टी २ सीट प्राप्त करने में खस–आर्य महिला ही होनी चाहिए । १–१ सीट पाने वाली राप्रपा और एकीकृत समाजवादी से खस–आर्य महिला चुनना होगा  । नाम चुनकर पेश किए दलों को २४ मंसिर तक का समय दिया गया है यदि किसी तरह की समस्या हुई तो दो दिन का और भी समय दिया जाएगा ।

kanchan jha
कंचना झा
कार्यकारी संपादक
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