स्वायत्त मधेश प्रदेश नहीं मिला तो विद्रोह निश्चित : महतो
११,अगस्त । सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने स्पष्ट किया है कि अगर २०६४ साल फागुन १६ गते गिरिजा प्रसाद कोईराला, पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड और माधव कुमार नेपाल के साथ हुए समझौते के अनुसार स्वायत्त मधेश प्रदेशनहीं बना तो मधेश विद्रोह निश्चित है । मधेश जबतक अधिकार सम्पन्न नहीं हो जाता और उसके साथ विभेद की राजनीति होती रही तो मधेश की धरती से स्वतःस्फूर्त आन्दोलन होगा । उन्होंने कहा है कि अभी मीडिया में मधेश सम्बन्धी मोदी के विचारों को जिसतरह गलत ढंग से व्याख्यायित किया जा रहा है उसे बन्द करें और अगर कल मधेश में आन्दोलन होता है तो भारत पर उकसाने का आरोप भी न लगाएँ । मीडिया में मोदी के विचारों का गलत रुप में प्रचार किया गया । हमारे साथ जो बातें हुई उसकी अपव्याख्या की गई । मधेश के प्रति भारत में नकारात्मक सोच फैलाने की नियत से ऐसा किया जा रहा है । सही तो यह है कि मोदी ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं और मधेश कभी भी पहाड विरोधी नहीं रहा है वह अपने प्रति हुए विभेद का विरोधी है । मधेशवाद की मानसिकता से अगर पहाड का शोषण हो रहा है तो उसका भी विरोध होना चाहिए और अगर पहाडवादी सोच से मधेश शोषित हो रहा है तो उसका भी विरोध होना चाहिए । हम मानसिकता का विरोध कर रहे हैं किसी समुदाय का नहीं । श्वेता दीप्ति

