शीर्ष नेता और न्यायाधीश की सम्पत्ति की छानबिन के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग बनाने का प्रस्ताव
काठमांडू, माघ २९ – नेकपा माओवादी केन्द्र के सांसद नरबहादुर बिष्ट ने शीर्ष नेताओं, प्रशासक और न्यायाधीशों की सम्पत्ति की छानबिन करने के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग बनाने का प्रस्ताव रखा है ।
सोमवार राष्ट्रीय सभा की बैठक में विशेष समय लेकर उन्होंने यह प्रस्ताव रखा है ।
उन्होंने कहा कि ‘एक शक्तिशाली आयोग बनाएं । चाहे पूर्वप्रशासनिक कर्मचारी हो, चाहे मन्त्री हो न्यायाधीश ही क्यों न हो या फिर कोई शीर्ष नेता ही क्यों न हो, उन सभी की सम्पत्ति के सम्बन्ध में निश्पक्ष छानबीन करें और भ्रष्टाचार की सम्पति का राष्ट्रीयकरण करें ।’
उनका कहना है कि न्यायालय, अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग, राष्ट्रीय अनुसन्धान विभाग के साथ ही अन्य निकायों में भी प्रभावकारी काम नहीं हो पा रहा है । यह केवल मेरी अनुभूति नहीं है जनता भी कुछ ऐसी ही अनुभूति कर रही है । उन्होंने यह भी कहा कि ‘अख्तियार भी निश्पक्ष नहीं है । किसी दल के कार्यकर्ता का लेवल लगाकर भेजन गया है ।’ सांसद बिस्ट ने प्रश्न करते हुए कहा कि ‘आम जनता के पक्ष में न्यायलय है की नही ? अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग है या नहीं ? राष्ट्रीय अनुसन्धान विभाग भी है । ये विभाग रिर्पोट मात्र कर सकता है एक्शन लेने की स्थिति में क्यों नहीं है ?’इसलिए बहुत आवश्यक है एक उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग बनाना ।

