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नेपालगंज में ५२७ वीं तुलसी जयन्ती एवं बृहत कवि सम्मेलन

 

नेपालगन्ज । (बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला के नेपालगन्ज में अवधी तथा हिन्दी भाषा सँस्कृति के महान पण्डित, भक्त कवि, सन्त शिरोमणि तुलसीदास जी महाराज की ५२७ वीं तुलसीदास जयन्ती, चौथा अन्तरदेशीय अवधी महोत्सव तथा २५ वीं अवधी दिवस समारोह –२०८१, बृहत सम्मान समारोह, बिचार तथा बहुभाषिक कवि गोष्ठी, लोकनृत्य सहित शुभकामना कार्यक्रम में ६५ लोग साहित्यकार, समाजसेवीओं को श्रवण २७ गते को सम्मान किया गया ।

नेपालगन्ज उद्योग बाणिज्य संघ के सभाहाल में अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान केन्द्रीय कार्य समिति द्वारा आयोजन किया गया । कार्यक्रम में अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान के संस्थापक बिष्णुलाल कुमाल ने सञ्चालित किया । कार्यक्रम अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान के अध्यक्ष रमेश चन्द कुमाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।  कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि तथा समाजसेवी पशुपति दयाल मिश्र, बिशिष्ट अतिथि नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के प्राज्ञ परिषद् सदस्य तथा साहित्य अनुवाद विभाग प्रमुख हंसावती कुर्मी, बिशिष्ट अतिथि पूर्व प्राज्ञ सदस्य सचिव सनत कुमार रेग्मी ने शिरोमणि तुलसीदास जी महाराज की तस्वीर में माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम की बिधिवत उद्घाटन किया था । 

प्रमुख अतिथि तथा समाजसेवी पशुपति दयाल मिश्र ने उद्घाटन करते हुये अवधी तथा हिन्दी भाषा सँस्कृति के महान पण्डित, भक्त कवि, सन्त शिरोमणि तुलसीदास जी महाराज जी की विश्व के लिये बहुत बडी योगदान रही है उसी पर चर्चा किया था, इसी तरह बिशिष्ट अतिथि नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के प्राज्ञ परिषद् सदस्य तथा साहित्य अनुवाद विभाग प्रमुख हंसावती कुर्मी ने अपनी विचारों में अगर भाषा रहेगी, तो संस्कृति रहेगी, संस्कृति रहेगी तो प्रजाति सज्ञान रहेगी, प्रजाति सज्ञान रहेगी तो हम सलोग रहेंगे । अपनी भाषा बोलने में और लिखने में कभी भी हिचकिचहट न करें और आजकल अधिक लोग सुनाना चाहते है लेकिन सुनने नही चाहते हैं उसी पर जोड दी थी । वह कार्यक्रम में प्रतिष्ठान के केन्द्रीय सचिव डा.पंकज कुमार गुप्ता ने स्वागत मन्तव्य व्यक्त किया था, उपाध्यक्ष सुशीला बैश्य ने गणेश बन्दना और सरस्वती बन्दना डा.प्रवीण कुमार पाण्डेय आवारा ने प्रस्तुत किया था । 

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चर्तुथ अन्तरदेशीय अवधी रजत सम्मान –२०८१ और अवधी गौरव रजत सम्मान – २०८१ से ६० लोगों को  समाजसेवी और साहित्यकारों को सम्मान किया गया था । सम्मानित व्यक्तित्वों में  नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के प्राज्ञ परिषद् सदस्य तथा साहित्य अनुवाद विभाग प्रमुख हंसावती कुर्मी, डा. फरहत बानौं,  डा. दिपेश गुप्ता, ३८ वर्ष शिक्षा पेशा में कार्यरत सुशीला शर्मा, निरु रस्तोगी, समाजसेवी कृष्ण मुरारी प्रसाद भट्ट, सरिता बैश्य, पत्रकार सिराज खान, पत्रकार शंकर प्रसाद खनाल, ईश्वरी प्रसाद रिजाल, डा. प्रकाश बहादुर थापा, कमान सिंह बोहरा, कोहलपुर नेपाल टेलिभजन के कार्यक्रम उत्पादक रामचन्द्र लोहार, बैरागी कवि, खजुरा प्रज्ञा प्रतिष्ठान के उप–कुलपति इन्द्र बहादुर भण्डारी, दाङ के पटवारीलाल यादव, तौलिहवा निरहू यादव, तारा यादव, कल्पना पौडेल “ जिज्ञासु” युवराज गुप्ता, मंगल प्रसाद माध्यमिक बिद्यालय के प्राचार्य सन्ध्या गुप्ता, समालोचक÷साहित्यकार चरित्रा शाह, हरपाल रनहोत्रा, नेपाल औषधी व्यवसायी संघ लुम्बिनी प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभय कुमार बस्नेत, नेपालगन्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.–२० के वडाध्यक्ष कौशल कुमार धोबी, समाजसेवी बसन्त कुमार कनौजिया, डा.राहुल मिश्र, डा. इन्द्रजीत सिंह, कृपा हस्पिटल के डा.प्रवीण गुप्ता, डा. प्रकाश नाग, डा. पीयूश कनौडिया, समााजसेवी जितेन्द्र सिंह, खेल पे्रमी राज कुमार बैश्य, भारत लखनऊ आकाशवाणी के प्रस्तोता कृष्ण प्रसाद तिवारी, प्रदीप बहराइची, प्रीतम श्रावस्ती, रायबरेली के इन्द्र बहादुर सिंह “इन्द्रेश”, शिव प्रताप जायसवाल सीतापुर, चन्द्रगत भारती, तमन्ना “दिलकश”, लक्ष्मी कान्त त्रिपाठी, तिलकराम अजनवी, शिवाँनी राज, अवधी साधक प्रमोद कुमार साधक, कैशरगञ्ज बहराइच के अजीत कुमार मौर्य, सोमेश सावन, सीतापुर के डा. सतिश चन्द्र वर्मा, बहराइच के हस्य कवि पीके प्रचण्ड, आचार्य अनीश देहाती, अयोध्या के रामानन्द सागर, डा.अनुज नगेन्द्र, देशराज सिंह, बिसंवाँ सीतापुर के सन्दीप मिश्र “सरस”, खूबपुर सीतापुर के डा. मनोज दिक्षित, प्रवीण कुमार पाण्डेय आवारा, अम्ब्रिस श्रीवास्तव, दया शंकर रायबरेली, रायबरेली के शिव बहादुर सिंह “दिलवर”, कृष्ण प्रसाद तिवारी लगातय को सम्मान किया गया है । 

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इसी तरह  बिमला–बिष्णु अवधी सेवा सम्मान–२०८०  से नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के प्राज्ञ परिषद् सदस्य तथा साहित्य अनुवाद विभाग प्रमुख हंसावती कुर्मी, अवधी लोक गायक लक्षमण पे्रमी राजपूत, कार्यक्रम प्रस्तोता रेडियो कृष्णसार एफ.एम. चंदा सिंह , लोक गायक मधई सिंह सरदार, उत्तर प्रदेश रायबरेली के इन्द्र बहादुर सिंह “इन्द्रेश” को नगद रु. ५०५÷– ५०५–रुपैया के दर से प्रति व्यक्ति को सम्मान–पत्रद्वारा प्रमुख अतिथि पशुपति दयाल मिश्र, बिशिष्ट अतिथि हंशावती कुर्मी, सनत कुमार रेग्मी, बिजय वर्मा, भेरी साहित्य समाज केन्द्रीय समिति के निर्वतमान अध्यक्ष हरि प्रसाद तिमिल्सिना लगायत लोगों ने वह कार्यक्रम में नेपाल और भारत करके ६५ लोग साहित्यकारों सम्मान–पत्र प्रदान किया गया था । 

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वह कार्यक्रम में बैष्णवी बैश्य और गौरी बैश्य ने कजरी गीत पर नृत्य, रेखा बैश्य तुलसी भजन और सुशीला बैश्य ने कजरी गीत प्रस्तुत की थी अइसै ही  आराधना बैश्य, निरहू यादव, मञ्जु बैश्य, कृष्णा देवी पाण्डेय, मो. मुस्तफा अहसन कुरैशी, पत्रकार शंकर प्रसाद खनाल (जनप्रिय खनाल) और सम्मानित व्यक्तित्वों ने अपनी–अपनी रचनाएँ वाचन किया था । इसी तरह वह कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि पशुपति दयाल मिश्र, बिशिष्ट अतिथि हंशावती कुर्मी, भेरी साहित्यस समाज केन्द्रीय समिति के निर्वतमान अध्यक्ष हरिप्रसाद तिमिल्सिना, बसन्त कनौजिया, सुशीला शर्मा, निरु रस्तोगी लगायत लोगों ने शुभकामना व्यक्त किया था । कार्यक्रम में अवधी पत्रकार संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्र, संस्थापक सूर्यलाल यादव, शतक रक्तदाता पवन जायसवाल, नेपाल पत्रकार महासंघ, लम्बिनी प्रदेश सदस्य मोहम्मद आारीफ अन्सारी, पुष्पमणि प्रधान, भरत बहादुर राना भाट, महेन्द्र पुस्तकाल के अध्यक्ष बलराम यादव, श्री नेपाल राष्ट्रिय आधारभूत बिद्यालय जानकी गा.पा. वार्ड नं.–५ गुरुवा गाँव की प्रधानाध्यापक सन्ध्या शर्मा, अल्पना बैश्य, काजल शर्मा, आनन्द गिरी मायालु, जहिरुलहक जिनू, घनश्याम गुप्ता, धु्रव कुमार बैश्य, राजेन्द्र बैश्य, सतिश पाठक, भिष्म लोध, दिनेश ठाकुर, सन्तोष शुक्ला, दीपा प्रजापति, नेपालगन्ज उद्योग वाणिज्य संघ नेपालगन्जका पूर्व अध्यक्ष नन्दलाल बैश्य  लगायत १ सौ लोग अवधी पे्रमी, बुद्धिजीविओं की सहभागिता रही थी । कार्यक्रम में नेपाल और भारत करके ६५ लोग अवधी पे्रमी, समाजसेवी, साहित्यकारों को अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान केन्द्रीय कार्य समिति ने दोसल्ला और गम्छा सहित सम्मान–पत्र प्रदान करके सम्मान किया गया है । 

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