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स्व. उर्दू साहित्यकार फारुक अहमद आरिफ की ३२ वीं स्मृति दिवस

 

नेपालगञ्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला में रही फारुक अहमद मेमोरियल फाउण्डेशन नेपालगञ्ज, नेपाल की आयोजन में स्व. प्रख्यात उर्दू साहित्यकार फारुक अहमद आरिफ की ३२ वीं स्मृति दिवस कृति मिरासा आरिफकाव्य संग्रह की बिमोचन एक कार्यक्रम के बीच सम्पन्न हुआ है ।

फारुक अहमद मेमोरियल फाउण्डेशन नेपालगञ्ज, नेपाल की अध्यक्ष  तथा पूर्व प्रतिनिधि सभा सदस्य सर्वत आरा खानम की अध्यक्षता में, बायोबृद्ध वरिष्ठ उर्दू साहित्यकार तथा गुल्जारअदब के अध्यक्ष अब्दुल लतीफ शौक के प्रमुख आतिथ्य मैं सम्पन्न वह कार्यक्रम में फाउण्डेशन के सल्लाहकार हरि प्रसाद तिमिल्सिना ने कार्यक्रम सञ्चालन करते हुये  उन्हों ने फारुक अहमद आरिफ के बारे में प्रकाश डाला था । 

इसी तरह कार्यक्रम में फाउण्डेशन के कोषाध्यक्ष उमेर अहमद सादिक ने स्वागत मन्तव्य व्यक्त किया था । 

वह कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि अब्दुल लतीफ शौक ने ब्यानर वाचन करके बिधिवत रुप से कार्यक्रम की उद्घाटन किया था । फाउण्डेशन के सचिव सर्वर नेपाली ने अपनी बिचार ब्यक्त करते हुये उर्दू साहित्यकार स्व.फारुक अहमद आरिफ के जीवनी के बारे में प्रकाश डाल्ते हुये अपनी रचना वाचन किये थे ।

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वह कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि अब्दुल लतीफ शौक, बिशिष्ट अतिथि प्राज्ञ सभा सदस्य शशीराम कार्की, वरिष्ठ साहित्यकार तथा सल्लाहकार सनत कुमार रेग्मी, भारत उत्तर प्रदेश जिला बहराइच नानपारा निवासी भारतीय साँस्कृतिक सहयोग÷एवं मैत्री संघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शारीक रब्बानी, अब्दुल हमीद सिद्दिकी ने मिरासा आरिफकाव्य संग्रह की सामूहिक रुप में बिमोचन किया था ।

उसी कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि अब्दुल लतीफ शौक, प्राज्ञ सभा सदस्य शशीराम कार्की, अवधी तथा हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार कार्यक्रम में स्वास्थ्य की कारण नही उपस्थित हो पाये थे उनकी रचना फाउण्डेशन के सल्लाहकार हरि प्रसाद तिमिल्सिना ने वाचन की , इसी तरह अन्सर नेपाली, जमील अहमद हाशमी, स्व.फारुक अहमद आरिफ के सब से छोटी बहन भारत उत्तर प्रदेश बहराइच निवासी फैजुल निशा फिजÞा स्व.आरिफ २इ वर्ष छोटी थी, बडे सुपुत्र के बेटी गुल्शन रिदा लगायत लोगों ने स्व.आरिफ बाँके जिला के नेपालगञ्ज में उर्दू शिक्षा और उर्दू साहित्य के बारे में और नेपालगञ्ज की बाजार में रही सल्यानीबाग स्कूल में, नेपालगञ्ज वार्ड नं.२२ की किंघरियनपुर्वा में और डुडुवा गाँवपालिका की हलबलडोली में भी उन्हों ने उर्दू शिक्षा में पहुँचाया योगदान की बारे में चर्चा किये थे । फारुक अहमद आरिफ का निधन बि.सं.२०४९ भादौं महीने की २८ गते हुआ था ।

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स्व.प्रख्यात उर्दू साहित्यकार फारुक अहमद आरिफ की कृति प्रकाशन में योगदान पहुँचाने वालों की कदर करते हुये सम्मान किया गया था सम्मानित व्यक्तियों में रही वरिष्ठ साहित्यकार अब्दुल लतीफ शौक, भारत के साहित्यकार शारीक रब्बानी, गुल्जारअदब के सचिव मोहम्मद मुस्तफा अहसन कुरैसी, सचिव सर्वर नेपाली को सम्मान किया गया था । वह कार्यक्रम में नेपालगञ्ज स्थित आईडल पब्लिक स्कूल के छात्राओं ने रचना प्रस्तुत की थी । 

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आयोजक संस्था फारुक अहमद मेमोरियल फाउण्डेशन नेपालगञ्ज के पदाधिकारियों ने सहभागियों को खादा लगाकर स्वागत किया था । 

वह कार्यक्रम में भेरी साहित्य समाज केन्दीय समिति के अध्यक्ष इन्द्र्र बहादुर बस्नेत, वरिष्ठ पत्रकार नीरज गौतम, अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान के संस्थापक बिष्णुलाल कुमाल, कल्पना पौडेल जिज्ञासु, मौलाना मन्सूर आरफी, बदरुददुजा खान, राजकुमार थारु, रहमत अली साहिर, मीना बराल, बुद्धिमति चौधरी, अवधी साहित्यकार तथा हास्यकलाकार श्यामानन्द सिंह, उर्दू साहित्यकार और फाउण्डेशन के पदाधिकारियों की सहभागिता रही थी ।

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