युनुस अल गोहर ने प्रधानमन्त्री कोइराला को चेतावनी दिया
काठमान्डू , १८ दिसम्बर । मसीहा फाउण्डेशन इन्टरनेशनल के मुखिया युनुस अल गोहर ने नेपाल के प्रधानमन्त्री सुशील कोइराला को चेतावनी देते हुए अपने आदमी को रिहा करने के लिए अल्टीमेटम दिया है । एक विडियो सन्देश द्धारा उसने पुलिस हिरासत में रहे अपने आदमीयों को ४८ घन्टें के अन्दर काठमान्डू स्थित यु एन एच सी आर के कार्यालय में सम्पर्क करने का मौका देने के लिए चेतावनी दी है । धमकीपूर्ण लफ्जों में युनुस अल गोहर ने आगे कहा है– दुनिया में ऐसी कोई शक्ति नहीं जो मेरे आदमी को नुकसान पहुँचा सके । मसीहा फाउण्डेशन इन्टरनेशनल का भगीनी संस्था कलकी अवतार फाउण्डेशन इन्टरनेशनल के कुछ सदस्यों को नेपाल प्रहरी ने करीब २ सप्ताह पहले गिरफ्तार किया था । उन लोगों पर नेपाल के विभिन्न धार्मिक स्थलों में हिंसा मचाने की योजना बनाने का आरोप है । एभिन्यूज टेलिभिजन द्धारा कलकी अवतार फाउण्डेशन की गतिविधि शंकास्पद बताते हुए खबर प्रसारण करने के बाद नेपाल पुलिस ने काठमान्डू, कपन के एक घर से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था । गिरफ्तार होने वाले में कुछ पाकिस्तानी नागरिक भी थे जो अपना नाम बदल कर काठमान्डू में रह रहे थे । गिरफ्तार हुए कुछ लोगों को तो पुलिस ने छोड दिया है लेकिन कुछ लोग अभी भी पुलिस हिरासत में ही है । उन लोगों ने कलकी अवतार फाउण्डेशन इन्टरनेशनल के नाम पर काठमान्डू के पशुपति नाथ और जनकपुर के जानकी मन्दिर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजना करने का कार्यक्रम बनाया था । रौशन भारती नामके एक व्यक्ति ने एभिन्यूज टेलिभिजन को कलकी अवतार फाउण्डेशन का मनसूबा ठीक नहीं कहते हुए एक इ मेल दिखाया । काठमान्डू से मोहमद क्युम के नाम से भेजे गये उस मेल में दिसम्बर ६ तारीख में पशुपतिनाथ के मन्दिर में बम विस्फोट करने की बात की गयी थी । इस मेल को मोहम्मद क्युम ने लंदन में रह रहे अपने मुखिया युनुस अल गोहर को भेजा था । रौशन का कहना है कि उसने क्युम का मेल हयाक किया था । फिलहाल पुलिस ने रौशन को भी हिरासत में लेकर छानबीन को आगे बढाया है । युनस अल गोहर ने अपने आधे घण्टे के विडियो सन्देश द्वारा नेपाल के प्रधानमन्त्री, नेपाल सरकार, नेपाल पुलिस को कडे शब्दों में गाली दिया है । लेकिन इस पर नेपाल सरकार की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आया है ।।

