महंथ ने कहा प्रधानमंत्री ओली से..भूमि अध्यादेश को लेकर सभी दलों से बातचीत करनी चाहिए थी
काठमांडू, फागुन ४ – लोसपा के अध्यक्ष महंथ ठाकर ने प्रधानमंत्री ओली से भूमि अध्यादेश को लेकर कहा कि आपको सभी दलों से बातचीत करनी चाहिए थी लेकिन आपने ऐसा नहीं किया है । बिना किसी बातचीत के यह अध्यादेश लाया गया ।
संसद में प्रस्तुत छह अध्यादेशों में से भूमि अध्यादेश सबसे ज्यादा विवाद का केंद्र बन गया है और इसे लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर असंतोष भी बढ़ रहा है । शनिवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की मौजूदगी में सत्ता पक्ष और सरकार समर्थित दलों के बीच एक विशेष चर्चा हुई जिसमें भूमि अध्यादेश को लेकर बैठक बहुत तनावपूर्ण रही ।
लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) और जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल ने भूमिसम्बन्धी अध्यादेश के प्रति गंभीर आपत्ति जताई थी जिसके बाद ऐसा लग रहा है कि सरकार इसे वापस लेने की रणनीति बना रही है । जसपा की बैठक में सहभागी नहीं होने के बाद भी लोसपा के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ही बातचीत के केन्द्रबिन्दु बन गए ।
बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री और एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने महंथ ठाकुर से पूछा कि – भूमि अध्यादेश पर आपकी आपत्ति क्या है ?
ओली ने कहा –चर्चा में समाधान निकाला जाना चाहिए, उन्होंने सरकार से असहयोगात्मक तरीके से आगे नहीं बढ़ने का भी सभी से आग्रह किया । लेकिन महंथ ठाकुर ने इस बात पर आपत्ति जताई कि सरकार में शामिल दलों से बिना किसी चर्चा के ही यह अध्यादेश लाया गया । भूमि अध्यादेश पर आपको सभी दलों के साथ मिलकर बैठकर बात करनी चाहिए थी लेकिन आपने ऐसा कुछ नहीं किया । इस बात से सरकार में शामिल सभी पार्टियां नाराज हैं । सबकी आपत्ति है । ठाकुर की इस बात में सभी कांग्रेस, जसपा, लोसपा तथा जनमत का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने हाँ में हाँ मिलाई ।

