Thu. Sep 3rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

प्रेस काउन्सिल द्वारा ‘द हिमालयन टाइम्स’ को ब्लैकलिस्टिंग में रखने पर आपत्ति

 

काठमांडू – प्रेस काउन्सिल नेपाल द्वारा ब्लैकलिस्ट में डाले जाने पर अंग्रेजी दैनिक ‘द हिमालयन टाइम्स’ ने कड़ा ऐतराज जताया है। अखबार का कहना है कि बिना उचित सुनवाई और उनकी सफाई को ध्यान में रखे, यह निर्णय लिया गया है, जिसे जल्द से जल्द वापस लिया जाना चाहिए।

‘द हिमालयन टाइम्स’ के अनुसार, हिमालयन एडवेंचर्स और पर्वतारोही निर्मल पुर्जा से संबंधित एक समाचार को लेकर १४ जेठ (मई) को एक शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद काउन्सिल ने अखबार से स्पष्टीकरण मांगा। अखबार ने अपना पक्ष रखते हुए एक खंडन प्रकाशित किया था, लेकिन शिकायतकर्ता ने फिर से काउन्सिल में एक और याचिका दायर कर दी।

यह भी पढें   भारत को जानो परीक्षा में 400 छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

बाद में, २७ भदौ (सितंबर) को काउन्सिल ने दोबारा पत्रिका से सफाई मांगी, जिस पर ‘द हिमालयन टाइम्स’ ने फिर से खंडन प्रकाशित किया। हालांकि, अखबार ने खबर से जुड़े अन्य पहलुओं को भी उजागर किया, जिसे प्रेस काउन्सिल ने अनुचित मानते हुए अखबार को ब्लैकलिस्ट कर दिया।

प्रेस काउन्सिल का पक्ष

प्रेस काउन्सिल के पत्र में कहा गया है, “शिकायतकर्ता की प्रतिक्रिया को आंशिक रूप से जगह दी गई, लेकिन साथ ही गिलमोर के बयान का उल्लेख करते हुए प्रतिवाद भी किया गया। इस तरह की रिपोर्टिंग को हम अनुचित मानते हैं।”

यह भी पढें   रसुवा बाढ़ त्रासदी: मधेश के 162 लोग अब भी लापता

काउन्सिल ने १८ असोज (अक्टूबर) को इस मामले की जांच के लिए एक कार्यदल गठित किया था, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ‘द हिमालयन टाइम्स’ को ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया गया।

‘द हिमालयन टाइम्स’ की प्रतिक्रिया

ब्लैकलिस्ट किए जाने के फैसले को एकतरफा और पक्षपाती करार देते हुए ‘द हिमालयन टाइम्स’ ने २५ फागुन (मार्च) को प्रेस काउन्सिल को एक पत्र लिखकर इस निर्णय को रद्द करने की मांग की। अखबार ने आरोप लगाया कि प्रेस काउन्सिल ने बिना उचित सूचना और संवाद के यह कदम उठाया, जो कि प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ है।

यह भी पढें   विवाहित बेटी का अंश हक , समानता का अधिकार या भावी सामाजिक कुरीति का आधार ? : कृतिका यादव

अखबार ने नेपाल मीडिया सोसाइटी से भी इस मामले पर ध्यान देने का अनुरोध किया और कहा, “हमने प्रेस काउन्सिल को औपचारिक पत्र सौंप दिया है और हमारी मांग है कि ‘द हिमालयन टाइम्स’ को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय तुरंत रद्द किया जाए। प्रेस काउन्सिल को निष्पक्षता और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।”

नेपाल मीडिया सोसाइटी ने भी प्रेस की स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता के समर्थन में आवश्यक कदम उठाने का संकेत दिया है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com