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जानकी मन्दिर में बुरबक सम्मेलन

 

कैलास दास,जनकपुर, फागुन १९ । हिन्दु का मनोञ्जन का पर्व होली मिथिलाञ्चल में प्रारम्भ हो चुका है । वैसे तो श्रीपञ्चमी के दिन से ही मिथिलाञ्चल के ग्रामीण क्षेत्र में शुरु हो जाता है । लेकिन अब जिस प्रकार से साँस्कृति लोप होती जा रही है कुछ संगठन इसे संरक्षण एवं नयाँ रुप में प्रस्तुत कर रहे है ।

जानकी मन्दिर के प्राङ्गण में मंगलवार होली के शुभ अवसर पर बुरबक सम्मेलन किया गया था । चित्रगुप्त सेवा समिति, मैथिल ब्राह्मण समाज तथा मैथिली साहित्यकार परिषद द्वारा आयोजित सम्मेलन में वरिष्ठ पत्रकार राजेश्वर नेपाली को महा-बुरबक की उपाधी दिया गया है ।

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दिन के २ बजे प्रारम्भ हुआ वह सम्मेलन साम तक चला था । जानकी मन्दिर का प्राङ्गण होरैया गीत तथा जोगिरा से होलीमय बना था । करीब एक दर्जन से ज्यादा कवि—कवित्री ने व्याङ्गत्मक कविता पाठ कर दर्शक एवं स्रोता को मन्त्रमुग्ध भी किया था ।

सम्मेलन में दिगम्बर झा दिनबन्धु, राम भरत साह, श्रीमति पुनम झा, कैलाश दास, विजय दत्त मणि, प्रेम विदेह ललन, किरण झा, देवेश्वर लाल मुन्ना, राम शंकर महासेठ, राजेन्द्र ललन, रंगीला यादव, प्रदिप शर्मा, सरोज मिश्र, अमरकान्त अमर, शम्भूनाथ झा सहित का कविओं ने वाचन किया था ।

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कार्यक्रम में मैथिल ब्राह्मण समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष पवन झा, चित्रगुप्त सेवा समिति के संरक्षक युगल किशोर निधि की उपस्थिति थी ।

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