शिक्षक महासंघ ने कहा…वर्तमान समय में वार्ता में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है
काठमांडू, चैत २७ – शिक्षक महासंघ ने सरकार द्वारा बुलाई गई वार्ता में भाग लेने के लिए तीन शर्तें रखी हैं।
वर्तमान परिस्थिति में महासंघ ने शर्त रखी है कि संसद का वार्षिक सत्र तुरन्त शुरू किया जाए, विशेष सत्र बुलाया जाए अथवा शिक्षा अधिनियम को अध्यादेश के माध्यम से लागू किया जाए । महासंघ ने कहा है कि अन्यथा वार्ता में भाग लेने का कोई औचित्य नहीं होगा । शिक्षक–कर्मचारी मैत्री शिक्षा ऐन जारी करने की मांग करते हुए आम शैक्षिक हड्ताल आह्वान कर काठमांडू केन्द्रित आन्दोलन जारी रखी है । शिक्षकों को मंगलवार शिक्षा विज्ञान तथा प्रविधि मंत्रालय ने विज्ञप्ति द्वारा वार्ता में बुलाया था ।
महासंघ ने भी विज्ञप्ति द्वारा ही जवाब देते हुए देते हुए कहा है कि अभी की अवस्था में वार्ता में बैठने का कोई औचित्य नहीं है ।
अध्यक्ष लक्ष्मीकिशोर सुवेदी और महासचिव तुलाबहादुर थापा ने जारी विज्ञप्ति में लिखा है कि – ‘विगत के सहमति कार्यान्वयन करने के सन्दर्भ में मन्त्रिपरिषद के निर्णय से संबोधन किए जा सकने वाले विषयों में शीघ्रातीशीघ्र निर्णय निर्णय लेते हुए ऐन जारी करने के लिए प्रस्तावित विकल्प के बारे में स्पष्टता के साथ पहल किए जाने पर वार्ता के लिए विश्वसनीय वातावरण निर्माण होगा ।
हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि महासंघ केवल ऐसी स्थिति में ही वार्ता कर सकता है, तथा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी दी कि वर्तमान समय में वार्ता में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है ।

