रास्वपा ने ‘कूलिंग पीरियड’ में हेरफेर पर जताई आपत्ति, संसदीय जांच समिति गठन की मांग
काठमांडू, असार, 3 जुलाई 2025 ।
राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने निजामती सेवा विधेयक (निजी प्रशासन सेवा विधेयक) में ‘कूलिङ पीरियड’ यानी ठहराव अवधि सम्बन्धी प्रावधानों में किए गए संशोधन पर आपत्ति जताते हुए इसकी जांच के लिए संसदीय जांच समिति गठन की मांग करने का निर्णय लिया है।
पार्टी के सचिवालय की आज हुई बैठक के बाद प्रवक्ता मनीष झाले जानकारी देते हुए बताया कि विधायी प्रक्रिया में की गई कथित जोड़तोड़ या अनैतिक गतिविधियाँ असह्य हैं और रास्वपा संसद की गरिमा बनाए रखने के पक्ष में स्पष्ट रुख रखती है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्टी आगामी कार्तिक २७ (13 नवम्बर 2025) को होने वाले रुपन्देही क्षेत्र नं. ३ के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पर चर्चा करेगी। अगली रविवार होने वाली सचिवालय बैठक में उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
साथ ही, रास्वपा ने ‘भिजिट भिसा’ (पर्यटक भिसा) प्रकरण में उच्चस्तरीय छानबिन आयोग गठन की अपनी पुरानी मांग को दोहराया है और छानबिन प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए गृहमंत्री से इस्तीफा देने की पुनः मांग की है। पार्टी ने इस मुद्दे पर संसद में जारी अपने विरोध को भी जारी रखने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा, बैठक में पार्टी के केन्द्रीय विभागों को सक्रिय करने और रिक्त पदों की पूर्ति करने का निर्णय लिया गया। सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे असार मसान्त (जुलाई मध्य) तक के अपने कार्य-सम्पादन की रिपोर्ट आगामी साउन ७ (22 जुलाई 2025) तक पेश करें।


