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कक्षा १२ का नतीजे में ६१% विद्यार्थी उत्तीर्ण, १.५ लाख से अधिक उच्च शिक्षा के लिए अयोग्य

 

काठमांडू, 5 अगस्त 025। नेपाल में कक्षा १२ की परीक्षा के परिणाम सार्वजनिक हो चुके हैं। इस वर्ष कुल परीक्षार्थियों में से ६१.१७ प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण (ग्रेड प्राप्त) हुए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में ९.०२ प्रतिशत की वृद्धि है। हालांकि, १ लाख ५३ हजार ८८२ विद्यार्थी अब भी उच्च शिक्षा में नामांकन के लिए अयोग्य माने गए हैं क्योंकि वे ‘ननग्रेडेड’ श्रेणी में हैं।

मुख्य तथ्य:

  • कुल ३,९६,३४७ परीक्षार्थियों में से २,४२,४६५ विद्यार्थी ग्रेड प्राप्त कर उत्तीर्ण हुए हैं।
  • कक्षा १२ के ‘ननग्रेडेड’ विद्यार्थियों में से दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्रों को २८ और २९ भदौ (13-14 सितंबर 2025) को ग्रेड सुधार परीक्षा का अवसर मिलेगा।
  • आंशिक (partial) परीक्षार्थियों की स्थिति चिंताजनक रही, केवल ३६.४९ प्रतिशत ही उत्तीर्ण हो पाए।
  • लगभग ७२ हजार ८ सय आंशिक परीक्षार्थी ग्रेड सुधार परीक्षा के लिए भी पात्र नहीं हैं।
  • साभार कांतिपुर

प्रदेशवार प्रदर्शन:

  • सबसे खराब प्रदर्शन कर्णाली प्रदेश का रहा, जहाँ केवल ५०.१८ प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।
  • बागमती (७०.४७%) और गण्डकी (६४.२२%) प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा।
  • मधेश (५३.६१%), सुदूरपश्चिम (५४.३९%), लुम्बिनी (५५.६२%), और कोशी (५९.८०%) औसत से नीचे रहे।
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कमजोर विषय:

  • सबसे ज्यादा ‘ननग्रेडेड’ विद्यार्थी अंग्रेजी (६६,०००), लेखा (४१,०००), सामाजिक (३३,९००) तथा नेपाली, अर्थशास्त्र, बिजनेस स्टडीज, गणित में पाए गए।
  • एसईई (SEE) परीक्षा में भी यही रुझान देखने को मिला था, जहाँ गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और सामाजिक विषयों में छात्रों का प्रदर्शन कमजोर रहा।

जीपीए (GPA) वितरण:

  • ३.६०–४.००: १३,५०२ विद्यार्थी
  • ३.२०–३.६०: ५५,८९६ विद्यार्थी
  • २.८०–३.२०: ९४,२६८ विद्यार्थी
  • २.४०–२.८०: ६९,८१२ विद्यार्थी
  • २.००–२.४०: ८,९६४ विद्यार्थी
  • १.६०–२.००: केवल २३ विद्यार्थी

शिक्षा प्रणाली पर सवाल:
नतीजों में सुधार पर शिक्षाविदों ने संदेह जताया है। उनके अनुसार, या तो पठन-पाठन में सुधार हुआ है, या परीक्षा प्रणाली में ढील दी गई है। इसके अलावा, सामुदायिक विद्यालयों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे विषयों के शिक्षकों की भारी कमी भी उजागर हुई है। कक्षा ११ और १२ में शिक्षकों के लिए कोई स्थायी दरबन्दी नहीं होने को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।

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निष्कर्ष:
हालांकि कक्षा १२ के परिणामों में पिछले वर्षों की तुलना में सुधार देखा गया है, लेकिन विभिन्न प्रांतों के बीच की खाई और विषयगत कमजोरी अभी भी नेपाल की माध्यमिक शिक्षा प्रणाली में गंभीर चुनौतियों की ओर इशारा करती है

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