मौसम रिपोर्ट : नेपाल में भारी वर्षा का खतरा, नया प्रणाली भी सक्रिय
काठमांडू, १८ आश्विन २०८२ (४ अक्टूबर २०२५) —
नेपाल इन दिनों लगातार मानसूनी हवाओं के प्रभाव में है। बंगाल की खाड़ी से उठी नमी युक्त हवाएं बिहार और उत्तर प्रदेश होते हुए नेपाल में प्रवेश कर गई हैं, जिसके कारण देशभर का मौसम बदलीयुक्त तथा वर्षामुखी बना हुआ है।
मुख्य बिंदु :
- अधिकांश प्रदेश प्रभावित :
- कोशी, मधेश, बागमती, गण्डकी और लुम्बिनी प्रदेश के तराई और पहाड़ी हिस्सों में मध्यम से लेकर भारी वर्षा की संभावना।
- विशेषकर मधेश, बागमती और गण्डकी के कुछ इलाकों में बहुत भारी वर्षा (अति भारी वर्षा) का पूर्वानुमान।
- कर्णाली प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी वर्षा जारी रहने का संकेत।
- नया मौसमीय प्रणाली का प्रवेश :
मौसमविदों का कहना है कि एक और मौसमी प्रणाली नेपाल की ओर बढ़ रही है। यह प्रणाली देश के कई हिस्सों में अतिरिक्त वर्षा ला सकती है। - रात का मौसम :
- कोशी, मधेश, बागमती और गण्डकी प्रदेश के अधिकांश इलाकों में रात को भी बदली और वर्षा बनी रहने की संभावना है।
- लुम्बिनी प्रदेश में तराई क्षेत्र के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
- विशेष क्षेत्र :
संभावित खतरे :
- मेघगर्जन और चट्याङ (बिजली गिरना) की संभावना।
- नदी–नालों तथा शहरी जल निकासी प्रभावित होने का खतरा।
- बागमती उपत्यका (काठमांडू घाटी) का पानी निकास अभी भी मुख्यतः चोभार गल्छी से होने के कारण, लगातार भारी वर्षा से यहाँ बाढी जोखिम बढ्न सक्छ।
निष्कर्ष : अगले दो–तीन दिन (कम से कम २० गते/५ अक्टूबर तक) नेपाल के विभिन्न भागों में लगातार वर्षा जारी रहने का अनुमान है। नागरिकों को सावधानी अपनाने, नदी–नालों से दूरी बनाने तथा सम्भावित बाढ़/पहिरो (भूस्खलन) प्रति सतर्क रहने मौसम विभाग की अपील।


