निर्वाचन आयोग का निर्णय षड्यंत्रपूर्ण है : पूर्णबहादुर खड्का
काठमांडू, माघ 2, 2082 ( संवाददाता)
निर्वाचन आयोग द्वारा नेपाली कांग्रेस के विशेष महाधिवेशन पक्ष को मान्यता दिए जाने के बाद पार्टी के संस्थापन (देउवा) पक्ष के कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्का ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यह फैसला अस्वीकार्य है और इसके खिलाफ वे राजनीतिक और कानूनी—दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेंगे।
निर्वाचन आयोग ने विशेष महाधिवेशन से सभापति चुने गए गगनकुमार थापा पक्ष को आधिकारिक मान्यता दी है। इसी निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए खड्का ने आरोप लगाया कि यह विशेष भेला पार्टी विधान के विपरीत आयोजित किया गया था और आयोग ने उसे मान्यता देकर अपने ही स्थापित नजीरों का उल्लंघन किया है।

निर्वाचन आयोग परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खड्का ने कहा कि अब वे इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
उन्होंने कहा,
“निर्वाचन आयोग का यह निर्णय षड्यंत्रपूर्ण है। यह आयोग की पूर्व स्थापित परंपराओं और नजीरों के खिलाफ है। यह फैसला हमें स्वीकार्य नहीं है। संस्थापन पक्ष इसे खारिज करता है और इसके खिलाफ वैधानिक और राजनीतिक दोनों लड़ाइयाँ लड़ेगा।”

खड्का ने यह भी आरोप लगाया कि यह फैसला किसी “सेटिंग” के तहत लिया गया है और केवल एक पक्ष के दावों के आधार पर निर्णय किया गया।
उन्होंने कहा कि शेरबहादुर देउवा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस की केंद्रीय कार्यसमिति अब भी यथावत है और वैध है।
उनका कहना था कि निर्वाचन आयोग ने पार्टी के आधिकारिक सभापति और केंद्रीय कार्यसमिति को एक बार भी सुनवाई का अवसर दिए बिना फैसला कर दिया, जो निर्णय प्रक्रिया के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
“यह पार्टी के विधान और नियमावली का सीधा उल्लंघन है,” खड्का ने कहा।
खड्का के इस बयान के बाद नेपाली कांग्रेस के भीतर का आंतरिक विवाद और गहराने की संभावना बढ़ गई है। अब यह मामला राजनीतिक टकराव से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई का रूप लेता दिख रहा है, जिसका अंतिम फैसला सर्वोच्च अदालत में हो सकता है।


