कपिलवस्तु में विरोध, चार दल की सहमति मधेश विरोधी है
सहमति के विरोध स्वरुप सावन ३० गते जुलुस और ३१ गते आमहड़ताल की घोषणा
दिलिप कुमार यादव । कपिलवस्तु, साउन २४ | चार दल बीच सहमति के २४ घण्टा भी नहीं गुजरे हैं और इसके विरोध में विभिन्न मधेशवादी दलों ने प्रदर्शन शुरु कर दिया है । प्रचार दलीय सहमति का विरोध करते हुए आज कपिलवस्तु में विभिन्न राजनीतिक दल ने प्रदर्शन किया है । काग्रेस, एमाले, एमाओवादी और फोरम लोकतान्त्रिक के बीच शनिबार रात हुए सहमति को मधेश विरोधी कहते हुए तमलोपा ,संघीय समाजवादी फोरम नेपाल सदभावना और स्थानीय निवासी ने आज कपिलवस्तु के तौलिहवा,महाराजगन्ज, बहादुरगन्ज , कृष्णनगर, पकडी और मर्यादपुर चोक में चार दल के शीर्ष नेताओं का पुतला दहन कर विरोध जताया । देर रात दलों द्वारा किए सहमति घोर मधेश विरोधी है और चार दलों ने षड्यंत्र किया है । एक मधेश एक प्रदेश, मधेशी का हक अधिकार सहित का संविधान हमें चाहिए तमलोपा के केन्द्रीय सदस्य तथा पूर्व मन्त्री इश्वर दयाल मिश्रा ने जानकारी दी । अभी देश के शासकों ने जबरजस्ती मधेश विरोधी सविधान लागु करने की कोशिश की है । उन्होंने कहा एक मधेशी होने के नाते मै. इसका विरोध करता हूँ और तबत क करुँगा जब तक इसमें सुधार ना हो जाय । शानिवार रात हुए सहमति के विरोध स्वरुप साउन ३० गते देश भर मसाल जुलुस करने और ३१ गते आम हड़ताल करने की बात मिश्रा ने बताया । । उसी तरह तराई मधेस लोकतन्त्रिक पार्टी के केन्द्रिय सदस्य बृजेश कुमार गुप्ता ने चार दल द्वारा किए गए सहमति को मधेश विरोधी कहा । विरोध कार्यक्रम में बोलते हुए युवा नेता रविदत्त मिश्रा ने कहा कि यह मधेश विरोधी सहमति है और मधेश को जागरुक होना होगा मधेश और मधेशी के हक में हमारा स.घर्ष जारी रहेगा । बहादुरगंज के युवा दीपक शुक्ला ने कहा कि इस सहमति ने मधेश की पूरी तरह से उपेक्षा की है ।

