न्यायपालिका किसी भी प्रकार के डर, त्रास या राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहनी चाहिए –सपना मल्ल
काठमांडू, बैशाख २६ – सर्वोच्च अदालत की कायममुकायम प्रधानन्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने इस बात पर जोर दिया है कि न्यायपालिका किसी भी प्रकार के डर, त्रास या राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहनी चाहिए । कानून दिवस के अवसर पर शनिवार (वैशाख २६) काठमांडू में आयोजित एक समारोह में उन्होंने न्यायाधीशों से निर्भीक होकर न्याय संपादन करने का आह्वान किया ।
उन्हाेंने कहा कि “डर और प्रभाव में न्याय संभव नहीं है, चाहे दो तिहाई बहुमत की सरकार का डर हो या महाअभियोग का,” उन्होंने कहा “डर और भय से मुक्त होकर अदम्य साहस के साथ आगे बढ़ने के लिए मैं सम्पूर्ण न्यायकर्मियों से आह्वान करती हूँ ।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को ‘आज्ञाकारी’ या राजनीतिक स्वार्थ पूर्ति का माध्यम बनाने के किसी भी दुष्प्रयास को स्वीकार्य नहीं किया जाएगा । इसके साथ ही उन्होंने शक्ति पृथकीकरण के सिद्धान्त और विधि के शासन को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति सचेत रहने की बात कही ।


