भूमिहीन सुकुम्बासियों एवं अव्यवस्थित बसोबासियों के प्रबंधन पर ध्यानाकर्षण, राजनीतिक नियुक्तियों में पारदर्शिता की मांग
काठमांडू, 9 मई । प्रेस विज्ञप्ति – जेन्जी २.० । सरकार द्वारा सुशासन, विकास, भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जनहित के क्षेत्रों में उठाए गए कदम सराहनीय हैं। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य तंत्र को उत्तरदायी बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों से नागरिकों में विश्वास बढ़ा है।
लेकिन देशभर में फैले भूमिहीन सुकुम्बासियों (अस्थिर बाशिंदों) एवं अव्यवस्थित बसोबासियों की समस्या अब भी समाधान की प्रतीक्षा में है। जेन्जी २.० ने इस ओर गंभीर ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि वर्षों से अस्थायी एवं असुरक्षित स्थिति में जीवन यापन कर रहे इन नागरिकों का उचित पहचान, प्रबंधन एवं स्थायी समाधान के लिए सरकार को त्वरित प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
संगठन का विशेष आग्रह है कि भूमिहीन सुकुम्बासियों एवं अव्यवस्थित बसोबासियों का तथ्यांक संग्रह, कानूनी प्रक्रिया एवं व्यवस्थित बसोबास के कार्यों को गति दी जाए तथा उनके मूल आवास अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।
साथ ही, स्वतः खारिज हुई राजनीतिक नियुक्तियों वाले पदों पर भविष्य में होने वाली नई नियुक्तियाँ पूर्णतः प्रतिस्पर्धात्मक, पारदर्शी एवं स्वतंत्र ढंग से की जानी चाहिए। राज्य के निकायों में योग्य, सक्षम एवं निष्पक्ष व्यक्तियों का चयन होने से ही सुशासन और जनविश्वास मजबूत होगा।
जेन्जी २.० ने कहा कि चाहे देश अध्यादेश के माध्यम से चले या संसद के माध्यम से, राज्य संचालन का मुख्य उद्देश्य सदैव देश और जनता का हित होना चाहिए। राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित, जनअधिकार और सुशासन को केंद्र में रखते हुए काम करने का आग्रह किया गया है।
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