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ओली का आरोप—अनुभवहीन सरकार के कारण देश बर्बादी की ओर

 

काठमाडौं ।

नेकपा एमाले के अध्यक्ष एवं पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने वर्तमान सरकार की कार्यशैली और नेतृत्व की अनुभवहीनता के कारण देश बर्बादी की ओर बढ़ रहा होने का आरोप लगाया है।

इलाम में आयोजित लोकतांत्रिक आदिवासी जनजाति महासंघ, नेपाल की केंद्रीय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए ओली ने कहा कि दूरदर्शिता और अनुभव की कमी वाले राजनीतिक शक्तियों के कारण देश संकट की ओर धकेला जा रहा है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह की ओर संकेत करते हुए ओली ने सरकार चलाने की तुलना कला और अनुभव से की। उन्होंने टिप्पणी की कि खुद को नया बताने वाली राजनीतिक शक्तियों में शासन चलाने की न्यूनतम दक्षता भी नहीं है। ओली के अनुसार, अनुभवहीन सरकार उतना ही कर रही है, जितना वह कर सकती है।

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उन्होंने कहा कि जिस तरह खाना बनाना न जानने वाले बच्चे को रसोई की जिम्मेदारी देने पर वह सब कुछ बिगाड़ सकता है, उसी तरह नए कहे जाने वाले लोग न तो प्रक्रिया समझते हैं और न ही अपेक्षित परिणाम दे सकते हैं। उनके अनुसार, बिना सीखे और प्रक्रिया को समझे देश चलाने की कोशिश करने से नुकसान हो रहा है।

ओली ने कहा कि जिस व्यक्ति को कौशल नहीं है, उसे बाजा बजाने या नृत्य करने के लिए मजबूर करने पर जैसा परिणाम आता है, वर्तमान सरकार की स्थिति भी वैसी ही है। उन्होंने अनुभवी और सक्षम नेतृत्व के अभाव को देश की बिगड़ती स्थिति का प्रमुख कारण बताते हुए आरोप लगाया कि ‘उरन्ठेउले’ यानी अपरिपक्व लोगों के कारण राष्ट्रीय राजनीति और प्रशासन में अव्यवस्था बढ़ रही है।

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संविधान की रक्षा के मुद्दे पर पूर्वप्रधानमंत्री ओली ने कहा कि वर्तमान समय में संविधान का उल्लंघन हो रहा है और इसे सही रास्ते पर वापस लाना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा, “सरकार वही कर रही है, जो वह कर सकती है। अनुभव और ज्ञान नहीं रखने वालों को जिम्मेदारी देने पर ऐसा ही होता है। खाना बनाना न जानने वाले बच्चे को रसोई में भेजने पर वह सब कुछ बिगाड़ सकता है। इसी तरह शासन चलाने के लिए भी अनुभव, क्षमता और ज्ञान आवश्यक है।”

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ओली ने आगे आरोप लगाया कि संविधान को मिचा गया है और अब इसे सही रास्ते पर लौटाना जरूरी है। उन्होंने प्रतिनिधिसभा के विघटन को असंवैधानिक बताते हुए सवाल किया कि संसद का कार्यकाल बाकी रहते हुए उसे क्यों भंग किया गया और समय रहते दूसरी संसद की आवश्यकता क्यों पड़ी।

उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब जनता को तलाशना चाहिए। ओली ने देश के हित में सक्षम और अनुभवी नेतृत्व का कोई विकल्प नहीं होने का दावा करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से संविधान की रक्षा और देश के विकास के लिए सचेत रहने का आह्वान किया।

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