Sat. Sep 12th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सुख-दुःख के बीच मुस्कराना ही जिंदगी की असली कला है : बिमल सरार्फ,

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल, 26 अगस्त 2026। जीवन कभी एक जैसा नहीं रहता। इसमें कभी खुशियों के पल आते हैं तो कभी दुख और कठिनाइयाँ सामने खड़ी हो जाती हैं। सफलता और असफलता, मिलना और बिछड़ना, आशा और निराशा—यही जीवन के वे रंग हैं, जो इसे पूर्ण बनाते हैं। इसलिए जीवन में आने वाले अच्छे और बुरे समय को समान भाव से स्वीकार करना ही समझदारी है।

अच्छी सोच, सकारात्मक विचार और सच्ची भावना मन को हल्का करती है। जब व्यक्ति अपने कर्म पर विश्वास और ईश्वर पर सच्ची श्रद्धा रखता है, तो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी उसे कोई न कोई रास्ता दिखाई देता है। बुरा समय हमेशा के लिए नहीं रहता, लेकिन उस समय हमारा धैर्य और सोच हमें मजबूत बनाता है।

यह भी पढें   राष्ट्रपति पौडेल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया अवलोकन

जीवन में सबसे बड़ा सहारा स्वयं पर विश्वास है। दूसरों के सहारे पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अपने भीतर की शक्ति को पहचानना चाहिए। सहारे कितने भी अच्छे क्यों न हों, एक समय के बाद उनका साथ छूट सकता है, लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत हमेशा हमारे साथ रहते हैं।

हर व्यक्ति का अपना महत्व होता है। जैसे हीरे की चमक देखने के लिए भी आईने की जरूरत पड़ती है, उसी तरह समाज में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में महत्वपूर्ण होता है। इसलिए कभी स्वयं को छोटा न समझें और न ही दूसरों की तुलना में अपने अस्तित्व को कम आंकें। अपने व्यक्तित्व, व्यवहार और कर्मों से अपनी पहचान बनाइए।

जीवन में स्वार्थ और मतलब की दुनिया से निराश होने के बजाय हमें अपने व्यवहार में अच्छाई और रिश्तों में सच्चाई बनाए रखनी चाहिए। कुछ रिश्ते बहुत अनमोल होते हैं। उन्हें समय, सम्मान और विश्वास देकर संभालकर रखना चाहिए, क्योंकि खोए हुए रिश्ते हर बार आसानी से वापस नहीं मिलते।

यह भी पढें   प्रिय जेन जी सुशासन जरुर कायम होगा – प्रधानमंत्री बालेन

चिंता जीवन का हिस्सा है, लेकिन चिंता में डूबे रहना जीवन का समाधान नहीं है। यदि हम अपनी परेशानियों पर शांत मन से विचार करें और उनसे सीखने का प्रयास करें, तो वही कठिनाइयाँ हमारे जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बन सकती हैं। इसलिए समस्या से घबराने के बजाय उसके समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

जीवन के बुरे दिनों में भी खुशियों की संभावना छिपी रहती है। कभी कुछ खोने का दुख होता है तो कभी कुछ पाने की खुशी। कभी उम्मीदें पूरी होती हैं तो कभी निराशा हाथ लगती है। लेकिन यही उतार-चढ़ाव हमें जीवन का वास्तविक अर्थ समझाते हैं।

यह भी पढें   चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लेंगे भाग

जरूरत सिर्फ इतनी है कि हम अपने अंतरमन की आवाज सुनें, अच्छे व्यवहार को अपनाएँ, आत्मविश्वास के साथ सही निर्णय लें और सच्चाई का साथ कभी न छोड़ें। शुरुआत में सही रास्ता कठिन जरूर लग सकता है, लेकिन वही रास्ता आगे चलकर जीवन को सरल, सुंदर और सार्थक बनाता है।

आखिर जिंदगी का नाम ही तो कभी खुशी और कभी गम है। खुशियों में विनम्र रहें, दुख में धैर्य रखें और हर परिस्थिति में अपने कर्म और चरित्र को मजबूत बनाए रखें—यही बेहतर जीवन की पहचान है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com