भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने जताया आभार
काठमांडू, २६ अगस्त। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए भारत ने एक बार फिर मित्रता और एकजुटता का परिचय देते हुए मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को गति देने के लिए 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री के साथ-साथ आवश्यक दवाएं भेजी हैं।
यह जानकारी भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने दी है । उन्होंने ट्वीट करके कहा है …
भारत का संदेश: “हम नेपाल के साथ खड़े हैं”
भारत ने इस संकट की घड़ी में अपना समर्थन जताते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया। बयान में कहा गया:
“नेपाल में विनाशकारी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 10 टन HADR सहायता और आवश्यक दवाएं रवाना कर दी गई हैं। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों और इस आपदा से प्रभावित हुए सभी लोगों के साथ हैं। इस बड़ी चुनौती के सामने भारत, नेपाल और वहां के लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।”
नेपाल ने त्वरित मदद के लिए जताया आभार
भारत की इस त्वरित कार्रवाई की नेपाल सरकार और अधिकारियों ने खुले दिल से सराहना की है। नेपाल की ओर से भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) और भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा गया:
“हमारी बाढ़ राहत कार्यों में सहयोग के लिए इस उदार मानवीय सहायता और महत्वपूर्ण चिकित्सा आपूर्ति के लिए माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद। भारत की यह त्वरित प्रतिक्रिया इस मुश्किल घड़ी में हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की ताकत और आपसी एकजुटता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।”
शिशिर खनाल की प्रतिक्रिया
इस मुश्किल समय में भारत द्वारा दी गई सहायता पर नेपाल के विदेश मंत्री और प्रमुख नेता शिशिर खनाल ने भी अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने भारत के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय में भारत हमेशा एक सच्चे और भरोसेमंद पड़ोसी की तरह नेपाल के साथ खड़ा रहा है। खनाल ने जोर देते हुए कहा कि यह आवश्यक चिकित्सा और राहत सामग्री बाढ़ पीड़ितों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने दोनों देशों के बीच के गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए इस मानवीय पहल के लिए भारतीय नेतृत्व को धन्यवाद दिया।
आपसी रिश्तों की मजबूती का प्रमाण
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन भारत की ओर से तुरंत पहुंचाई गई यह 10 टन की राहत सामग्री दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक और मानवीय संबंधों को पुख्ता करती है। यह सहायता यह सुनिश्चित करेगी कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को समय पर दवाइयां और बुनियादी जरूरत का सामान मिल सके।





