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नेपाल सरकार ने बदला फैसला, अब विदेशी खोज एवं बचाव दलों को दी अनुमति, भारत से 11 सदस्यीय टीम

 

काठमांडू।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान को लेकर नेपाल सरकार अपने पहले के रुख से पीछे हट गई है। पहले सरकार ने विदेशी देशों द्वारा भेजे जाने वाले खोज और बचाव (Search and Rescue) दलों के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे, लेकिन अब उन्हें नेपाल आने की अनुमति दे दी गई है।

भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका और बांग्लादेश ने अपनी-अपनी खोज एवं बचाव टीम नेपाल भेजने की पेशकश की थी। शुक्रवार दोपहर तक नेपाल के विदेश मंत्रालय का कहना था कि राहत और बचाव कार्य नेपाली सुरक्षा बल प्रभावी ढंग से कर रहे हैं, इसलिए फिलहाल विदेशी टीमों की आवश्यकता नहीं है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोकबहादुर क्षेत्री ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा था कि सहायता का प्रस्ताव आना स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में खोज और बचाव कार्य नेपाली सुरक्षा एजेंसियाँ ही संभाल रही हैं।

सरकार ने दिया ‘ग्रीन सिग्नल’

हालांकि कुछ ही समय बाद सरकार ने अपना निर्णय बदलते हुए विदेशी खोज एवं बचाव दलों को नेपाल आने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही विभिन्न देशों की विशेष टीमें नेपाल पहुँचने की तैयारी में जुट गई हैं।

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भारत से रवाना हुई 11 सदस्यीय टीम

नेपाल सरकार की अनुमति मिलने के बाद भारत ने सबसे पहले अपनी 11 सदस्यीय चिकित्सा एवं बचाव टीम काठमांडू के लिए रवाना की है।

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि इस दल में—

  • डॉक्टर,

  • स्वास्थ्यकर्मी,

  • तथा सुरंग और कठिन इलाकों में खोज एवं बचाव (रेकी) में विशेषज्ञ सदस्य शामिल हैं।

यह टीम शुक्रवार को नई दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना हुई।

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राहत अभियान को मिलेगी मजबूती

सरकार के इस फैसले से उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ टीमों की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव और राहत कार्यों को और अधिक तेज़ तथा प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

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