भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, बड़े पैमाने पर नेपाल में रेस्क्यू और राहत अभियान जारी
काठमांडू: 30 अगस्त, 2026। नेपाल के भोटे कोशी क्षेत्र में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद भारत सरकार ने नेपाल के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता के आश्वासन के बाद, भारतीय वायुसेना (IAF) ने अब तक 57.5 टन से अधिक आपातकालीन राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीमें पड़ोसी देश को भेजी हैं।
भारतीय नागरिकों की स्थिति और रेस्क्यू
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नेपाल में अब तक 108 भारतीयों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है और पूर्व में संपर्क से बाहर हुए 50 अन्य भारतीयों से दोबारा संपर्क स्थापित कर लिया गया है।
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पिछले दो दिनों में चीन से 598 भारतीय सुरक्षित रूप से नेपाल सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। लगभग 900 यात्री अभी भी चीन की तरफ हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं और उनके साथ संपर्क बना हुआ है।
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बाढ़ की विभीषिका के कारण 275 भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) अभी भी लापता हैं।
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विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में राउंड-द-क्लॉक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके साथ ही काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में 24/7 हेल्पलाइन काम कर रही हैं, जो विशेष रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रियों की वापसी की निगरानी कर रही हैं।
भारत द्वारा भेजी गई राहत सामग्री और सैन्य सहायता
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26 अगस्त: आपदा के दिन ही IAF के C-130J हरक्यूलिस विमान ने 10 टन आपातकालीन सामग्री (अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट और दवाएं) पहुंचाई।
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27 अगस्त: C-17 ग्लोबमास्टर के जरिए 37.5 टन अतिरिक्त राहत सामग्री (टेंट, डीवाटरिंग पंप, किचन सेट, जेनसेट और भोजन) एयरलिफ्ट की गई।
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28 अगस्त: भारतीय सेना की 5 सदस्यीय टनल रेस्क्यू रेकी टीम और 6 सदस्यीय मेडिकल टीम 10 टन सामग्री के साथ नेपाल पहुंची। टनल टीम ने प्रभावित इलाकों में काम शुरू कर दिया है।
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29 अगस्त: चौथी उड़ान (C-130J) के जरिए 13 सदस्यीय विशेष आर्मी टनल रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों के साथ काठमांडू रवाना हो रही है। इसके साथ ही मृतकों की पहचान के लिए DNA सैंपलिंग हेतु 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम भी भेजी जा रही है।
बुनियादी ढांचे की बहाली
सड़क संपर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए भारी नुकसान को देखते हुए, भारत सरकार बेली ब्रिज (Bailey bridges) और संबंधित तकनीकी टीमें भी मुहैया करा रही है। एक बेली ब्रिज नेपाल में पहले से ही उपलब्ध है, जिसे प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा, भारत ने नेपाल को अपनी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की सेवाएं देने की भी पेशकश की है।


