नेपाल की बाढ़ प्रलय ने झकझोरा जोगबनी का दिल, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
गांधी चौक पर जले मोमबत्तियों के दीप, मृतकों की आत्मा की शांति के लिए रखा दो मिनट का मौन
माला मिश्रा जोगबनी ( सीमा क्षेत्र ) । पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ त्रासदी और उसमें हुई भारी जनहानि से सीमावर्ती शहर जोगबनी का दिल भी दहल उठा। रविवार की संध्या जोगबनी व्यापार संघ के बैनर तले गांधी चौक के समीप श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में व्यापारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं स्थानीय नागरिक एकत्रित हुए। लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगतों को नमन किया तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। मोमबत्तियों की रोशनी के बीच पूरा गांधी चौक शोक और संवेदना के भाव से भर उठा।
मौके पर उपस्थित लोगों ने कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता सिर्फ पड़ोसी देशों का नहीं, बल्कि सदियों पुराने सामाजिक, पारिवारिक और रोटी-बेटी के संबंधों का है। नेपाल में आई इस भीषण आपदा की घड़ी में वहां के लोगों के साथ खड़ा होना जोगबनी की मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक मनोज विश्वास, नरपतगंज विधायक देवती यादव, मुख्य पार्षद रानी देवी, फारबिसगंज एसडीएम अभय कुमार तिवारी, पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि राजू राय, व्यापार संघ के मंटू भगत, दिनेश साह, प्रभात सिंह, भीम राय, मुशर्रफ हयात, मृत्युंजय पांडे, नरेश यादव, कन्हैया साह, जितेंद्र पूर्वे, राघव मिश्रा , कमल तापड़िया, कुंदन पौदार, रोहित यादव एवं खुशबू दुबे समेत अन्य लोगों ने भी नेपाल बाढ़ त्रासदी में मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने कहा कि सीमा भले ही दो देशों को अलग करती हो, लेकिन इंसानियत की संवेदना दोनों देशों के लोगों को जोड़ती है। इस कठिन घड़ी में जोगबनी के लोगों की संवेदना नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ है।


