राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के सह-महासचिव कौशलेन्द्र शर्मा ने दिया इस्तीफा
काठमांडू, ११ सितंबर, नेपाल। राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के सह-महासचिव कौशलेन्द्र शर्मा ने अपने पद और पार्टी की साधारण सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को सौंपे गए अपने त्यागपत्र में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, युवाओं की आकांक्षाओं और मधेश के अनसुलझे मुद्दों को अपने फैसले का मुख्य आधार बताया है।
इस्तीफे के प्रमुख कारण और भविष्य की योजनाएं:
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युवा नेतृत्व और पीढ़ीगत बदलाव: शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नेपाली समाज अब राजनीति में नए नेतृत्व और बदलाव की तलाश में है। उन्होंने पार्टी के भीतर कई बार यह मुद्दा उठाया, लेकिन इसके अनुकूल वातावरण न बन पाने के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
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मधेश के अधूरे मुद्दे: उन्होंने मधेश में लंबे समय से चले आ रहे उत्पीड़न, भेदभाव और उपेक्षा पर चिंता व्यक्त की। उनका मानना है कि पहचान के सवाल पर कुछ उपलब्धियां जरूर मिली हैं, लेकिन मधेशी जनता अभी भी पूर्ण रूप से अधिकार संपन्न नहीं हुई है और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव कायम है।
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‘हुंकार मधेश अभियान’ से जुड़ाव: संघीयता को मजबूत करने, युवाओं को मुख्यधारा की राजनीति में लाने और मधेश के अधिकारों के लिए शर्मा अब ‘हुंकार मधेश अभियान’ से जुड़ गए हैं।
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रोजगार और अवसरों की कमी: उन्होंने युवाओं को केवल वैदेशिक रोजगार में भेजने की मजबूरी पर सवाल उठाते हुए स्वदेश में ही पर्याप्त अवसर और नेतृत्व निर्माण का ठोस वातावरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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नई राजनीतिक शक्ति का निर्माण: शर्मा ने एक मजबूत और युवा-नेतृत्व वाली नई राजनीतिक पार्टी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका मानना है कि उनके इस नए वैचारिक सफर के कारण पुरानी पार्टी में बने रहना नैतिक और राजनीतिक दृष्टि से उचित नहीं था।
शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत स्वार्थ या किसी के प्रति असंतोष नहीं है, बल्कि देश, मधेश और युवाओं के भविष्य को केंद्र में रखकर लिया गया एक वैचारिक निर्णय है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए पार्टी अध्यक्ष, पदाधिकारियों और सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सामाजिक न्याय के लिए अपना योगदान जारी रखने की बात कही है।

