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विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर छात्राओं के बीच सचेतनामूलक अन्तरक्रियात्मक कार्यक्रम सम्पन्न

 

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । हरेक वर्ष सेप्टेम्बर १० में विश्वभर विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है । इसकी  उद्देश्य आत्महत्या के कारण होनेवाली मानवीय क्षति कम करना, मानसिक स्वास्थ्य प्रति जनचेतना फैलाना और कठिन परिस्थिति में व्यक्तियों को सहयोग के लिये प्रेरित करना है । 

सन् २००३ से मनाते आ रही विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तय किया इस वर्ष “आत्महत्या बारेको सोंच र सम्वाद परिवर्तन गरौैं” नारा के साथ विश्वभर विभिन्न कार्यक्रम करके मनाया गया है । 

उसी क्रम में नारी विकास केन्द्र ने स्थानीय सल्यानी बाग स्थित कन्या माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के वीच अन्तरक्रियात्मक कार्यक्रम की आयोजन की । 

नारी विकास केन्द्रकी संस्थापक सदस्य शान्ति हमाल के अध्यक्षता में सम्पन्न वह  अन्तरक्रियात्मक कार्यक्रम में केन्द्र के कोषाध्यक्ष रचना श्रेष्ठ ने स्वागत करते हुये कार्यक्रम की उद्देश्य प्रकश डाली थी । रचना श्रेष्ठ ने नारी विकास केन्द्र ने मनोपरामर्श सेवा भी शुरु करने से छात्रा विद्यार्थियों को परामर्श सेवा लेने के लिये आग्रह की है ।

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वह कार्यक्रम में नारी विकास केन्द्र के मनोपरामर्शदाता नौसाद अन्सारी ने प्रशिक्षक के रुप में पावर प्वाइन्ट के माध्यम से आत्महत्या सम्बन्धि विषयगत प्रस्तुतीकरण किया था । उन्हों ने प्रस्तुती के क्रम में उन्हों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्वभर प्रत्येक वर्ष ७ लाख २० हजार से अधिक  आदमी लोग आत्महत्या करते है उल्लेख करते हुये आत्महत्या १५–२९ वर्ष उमेर समूह के नौ जवान रहे हैं । विश्व के कूल आत्महत्या मध्ये ७३ प्रतिशत से अधिक घटना न्यून तथा मध्यम आय रहे मुलुकों में होती है उल्लेख किया था ।

प्रशिक्षक नौसाद अन्सारी ने नेपाल में औसत प्रति दिन १८ लोगों ने आत्महत्या करते रहे आये है कहते हुये आत्महत्या के कारणों मध्ये जैविक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, आर्थिक, साँस्कृतिक तथा वातावरणीय पक्ष ही प्रमुख दिखाती है । नेपाल प्रहरी की तथ्याङ्क अनुसार गत आर्थिक वर्ष २०८०÷८१ में केवल ७ हजार २ सौ २३ लोगों की मौत आत्महत्या के कारण से हुई थी । इसी तरह नेपाल में दैनिक २० लोग आत्महत्या कर रहे हैं । २०८०÷८१ में प्रति लाख में करीब २५ लोगों ने आत्महत्या के कारण से मौत हुआ था ।

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उन्हों ने कहा–आत्महत्या विश्वव्यापी रूप में सार्वजनिक स्वास्थ्य की गम्भीर समस्या है । लेकिन समय में सहयोग, परामर्श, पारिवारिक साथ और सामाजिक समर्थन प्राप्त हो तो अधिक तर आत्महत्या की घटनाएँ रोका जा सकता है कहते हरये विभिन्न तर्के प्रस्तुत किया था । 

वह सचेतनामूलक कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षिका पुष्पा सापकोटा, विद्यार्थिीयों में खुशिमा बेहना, शाहिदा शेख लगायत के विद्यार्थियो ने विभिन्न जिज्ञासा रखते हुये अपनी टोला पडोस में और समाज में घटी आत्महत्या सम्बन्धि घटना की अनुभव सुनायी थी । 

वह कार्यक्रम में नारी विकास केन्द्र के सलाहकार और कार्यसमिति के सदस्यों, विद्यालय के शिक्षिकों में कक्षा ८, ९ और १० के छात्राएँ समेत करीब १ सौ २५ लोगों की सहभागिता रही । 

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उल्लेखनीय यह है कि केन्द्र के अध्यक्ष मीना श्रेष्ठ के अनुसार चालु आर्थिक वर्ष में सदस्यों की  क्षमता अभिवृद्धि तालिम तथा विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम करना, केन्द्र ने अन्य संघ संस्थाओं सहकार्य और साझेदारी व्यापक करना,  किशोरियों को लक्षित स्वास्थ्य सम्बन्धि कार्यक्रम सञ्चालन करना, लक्षित वर्ग के महिलाएँ को सीपमूलक कार्यक्रमें निरन्तर सञ्चालन करना, संस्था की विकास के लिये सम्बन्धित निकायों से साझेदारी करके महिला उद्यमियों ने उत्पादन की सामाग्रियों का बिक्री वितरण करने के लिये मेला, महोत्सव सञ्चालन करना, बाँके जिला के आठ पालिका में मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता, मनोपरामर्श तथा सचेतनामूलक कार्यक्रम सञ्चालन करना, महिलामैत्री स्थानीय शासन वकालत में निरन्तर काम करना, जोखिम में रही महिला बालबालिका जेष्ठ नागरिकों को उद्धार कार्य में निरन्तर काम करना लगायत योजना में रखा गया है जानकारी दी ।

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