कोई राष्ट्र तबतक सफल नहीं हो सकता जब तक कि उसकी जनता निराश है –राष्ट्रपति पौडेल
काठमांडू, आश्विन ३ – राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने कहा है कि कोई राष्ट्र तबतक सफल नहीं हो सकता जब तक कि उसकी जनता निराश है । संविधान दिवस के अवसर पर शीतल निवास में आयोजित शुभकामना आदान प्रदान तथा चायपान कार्यक्रम में राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि राजनीतिक परिवर्तनों को वास्तविक रूप में नागरिकों के जीवन से जुड़ना होता है ।
उनका कहना कि इसके लिए सरकार को पारदर्शी, जनउत्तरदायी और नागरिक सर्वोच्चता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना होगा । उन्होंने कहा कि “संविधान को जारी हुए ११ वर्ष हो चुके हैं । अब संविधान को भाषा में नहीं नागरिकों के जीवन में उतारने का संकल्प करें । राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि “संविधान द्वारा माने गए विषयों को इस तरह से लागू करें कि नागरिक वास्तव में इसे अनुभव कर सकें ।’’
उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ कागज पर लिखे शब्दों या वाक्यों का संग्रह नहीं है, बल्कि नागरिकों के सपनों, उम्मीदों और अधिकारों से जुड़ा एक साझा प्रतिज्ञा है । उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को जनता का मालिक नहीं होकर ‘सेवक’ बनकर काम करना चाहिए । उन्होंने यह भी कहा है कि न्याय ही राज्य का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए; साथ ही, ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है जिसमें कोई भी नागरिक अपने ही देश में अकेला महसूस न करे ।


