काठमाडौं विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रो. डॉ. सुरेशराज शर्मा का निधन
काठमांडू।
काठमांडू विश्वविद्यालय (केयू) के संस्थापक कुलपति प्रो. डॉ. सुरेशराज शर्मा का बुधवार शाम निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे।
काठमांडू विश्वविद्यालय के कुलपति विवेक बराल के अनुसार, काठमांडू स्थित हैम्स अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हुआ।
तकनीकी और उच्च शिक्षा के अग्रदूत थे सुरेशराज शर्मा
सिंधुली जिले के खुर्कोट में जन्मे प्रो. शर्मा को नेपाल में तकनीकी और उच्च शिक्षा के विकास का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है।
सीटीईवीटी (तकनीकी शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद) की स्थापना के बाद वह इसके पहले कार्यकारी निदेशक बने।
काठमांडू विश्वविद्यालय की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और वह विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति (Vice-Chancellor) नियुक्त किए गए।
उन्होंने 1991 से 2012 तक लगातार 21 वर्षों तक काठमांडू विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य किया।
वर्तमान में वह काठमांडू विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ के सदस्य भी थे।
नेपाल, भारत और ब्रिटेन से की थी उच्च शिक्षा
प्रो. शर्मा ने नेपाल, भारत और ब्रिटेन के विभिन्न विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान को नेपाल की उच्च शिक्षा व्यवस्था में मील का पत्थर माना जाता है।
काठमांडू विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रो. डॉ. सुरेशराज शर्मा ने ब्रिटेन से रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) में पीएचडी की थी। उन्हें नेपाल में तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा के विकास के प्रमुख सूत्रधारों में गिना जाता है।
प्रो. शर्मा तकनीकी शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (सीटीईवीटी) के संस्थापक कार्यकारी निदेशक भी थे। उन्होंने देश के दूरदराज़ क्षेत्रों तक तकनीकी शिक्षा पहुँचाने का अभियान चलाया और कर्णाली के जुम्ला, दोलखा के जिरी तथा धनकुटा जैसे क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा की शुरुआत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने विद्यालय स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। काठमांडू विश्वविद्यालय की स्थापना और विकास के अलावा उन्होंने बूढ़ानीलकण्ठ स्कूल के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई और शिक्षा सुधार के कई प्रयासों का नेतृत्व किया।
पारिवारिक जीवन
प्रो. सुरेशराज शर्मा अपने पीछे परिवार में पत्नी और चार बेटियों का परिवार छोड़ गए थे। हालांकि, उनकी पत्नी और एक बेटी का पहले ही निधन हो चुका है। अब उनके परिवार में तीन बेटियाँ हैं।
आज होगा अंतिम संस्कार
उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को किया जाएगा। अंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए काठमांडू के बालकुमारी स्थित स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में रखा जाएगा, ताकि विद्यार्थी, शिक्षक, सहकर्मी और शुभचिंतक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें।
नेपाल की शिक्षा जगत में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

