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भारतीय राजदुत को देश से निकालने की मांग “विनाश काले विपरीत बुद्धि” : ओमप्रकाश सर्राफ़

 

ओमप्रकाश सर्राफ़ , बीरगंज, २८ नोभेम्बर | मधेस आन्दोलन को असफल करने की सरकार की एक और रणनीति ।

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मधेसी जनता पिछ्ले १०५ दिनों से अपने अधिकार के लिए ,अपने स्वाभिमान के लिए शान्तिपूर्ण आन्दोलन में है । परन्तु सरकार इस लोकतान्त्रिक आन्दोलन को असफल करने के लिए हरेक अस्त्र–शस्त्र प्रयोग कर रही है,जिसके तहत शान्तिपूर्ण आन्दोलन में अत्याधुनिक हथियार और बुलेट का इस्तेमाल करके ५० से ज्यादा मधेसी योद्धा को मौत के घाट उतार देना, मधेसी को गिरफ्तार करके झूठा मुकदमा दर्ज करना, आन्दोलनकारी को थकाने के लिए आन्दोलन को लम्बा करने पर मजबूर करना,मधेस के मिडिया पर अन्कुश लगाने का प्रयास करना और राष्ट्रीय मिडिया का गलत इस्तेमाल कर मधेस के मुल मुदे को गर्दिश में डालने का प्रयास करना ये सारे सरकार के हथकन्डे असफल हो गए ।आज कल कुछ लोग भजन कीर्तन कर रहे है कि भारतीय राजदुत को देश से निकाला किया जाए परन्तु हम कहेंगे बिनाश काले बिपरित बुद्धि । मधेसी जनता को आज के डेट में बम और गोली से मरना मन्जुर है, भूख से मरना मन्जूर है परन्तु स्वभिमान और अधिकार के बिना जीना मन्जूर नहीं है ।

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इस आन्दोलन में मधेसी जनता आपसी सदभाव, एकता ,अनुशासन का बेजोड नमूना पेश किया है । परन्तु सरकार अनेक अनेक ब्रम्हास्त्र प्रयोग करके नेपाली नेपाली के बीच में सम्प्रदायिक दङा फैलाने की साजिश कर रही है । जिस का ताजा नमुना अभी सर्लाही में देखने को मिला कि शान्तिपूर्ण आन्दोलन में बैठे मधेसी आन्दोलनकारी को चुरे भावर एकता पार्टी के नाम पर सताधारी एवम पहाड़ी अहंकार चिन्तनवादी पार्टी के लोग स्थानीय प्रसासन के साथ मिलकर आन्दोलन का प्रतिकार किया जहाँ तक कि वहा के लोगो को कुछ असन्तुष्टि है तो राज्य से लड्ने की नैतिकता बनती है, लेकिन ये भी सता पक्ष की नकाम कोशिश ही रही,और आज इटहरी में जो मधेसवादी पार्टी के लोकतान्त्रिक कार्यक्रम को नहीं करने देने के उदेश्य से जो सताधरी और प्रशासन के लोगों के द्वारा मन्च पर आक्रमण हुवा है जिसमे पता चला है कि सुरक्षा एजेन्सी के ही लोग ज्यदातर सादा ड्रेस में इस्तेमाल किया गया है। ये सारे अस्त्र शस्त्र मधेस आन्दोलन को असफल करने की साजिश की तरह रची जा रही है और इससे स्पष्ट होता है कि सरकार मधेसी और पहाड़ी समुदाय के बीच में रहे सदभाव को घात करके सता की रोटी सेकने के प्रयास मे है । सरकार की सारी कोशिश नाकाम करते हुवे मधेसी योद्धा मोर्चा सम्हाले हुवे है और सत्य ,न्याय और समानता की इस आर पार की लडाइ में हमें ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियाँ साथ देगी क्योंकि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता । पौराणिक काल में दैत्यरुपी राक्षसी शक्ति को तो भगवान ने अमरता का बरदान दिया था पर असत्य का रास्ता अपनाने के कारण अन्याय और अत्यचार ही उन लोगाें के पतन का कारण बना था । सरकार भी अपने हनिमुन के लिए पहाड़ के लोगो को भूख के बम और मधेस की जनता को बुलेट की गोली से हत्या कर रही है और जिस शासक को अपने जनता के नरसंहार करने मे आनन्द मिलती हो उसे निरंकुश तानाशाह कहते हैं और उसका पतन यथाशीघ्र होना निश्चित है ।

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ओमप्रकाश सर्राफ
ओमप्रकाश सर्राफ

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