Tue. Jul 21st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

महाभूकम्प के एक वर्ष, न राहत पा सकी जनता, न आस्वासन देते थक रही सरकार

 

विजेता चौधरी, काठमाण्डू, बैशाख १२
नेपाल मे आई महा भूकम्प के आज एक वर्ष पूर्ण हुई है । परन्तु बिडम्वना इन एक वार्ष मे न वास्तविक भूकम्प पीडित को राहत मिल पाई है ना तो उन्हे रहने को स्थान व पहनने को कपडा का व्यवस्था कर पाई है सरकार ।

earthq
हद तो तब होगई जब ठण्ढ मे खुले जमिन व त्रीपाल के भर में गुजर कर रही पीडितों ने दम तोडा । तब भी सरकार आश्वासन ही दे ते रह गई । भूकम्प मे घरवार विहीन हुए हजारों पीडित अभी भी त्रीपाल के सहारे ही गुजर कर रही है । खाद्यान्न अभावा के साथ वर्षा, हवा–आंधी, गर्मी व साप किरे का समस्या झेलरहें पीडित सरकार प्रति आक्रोशित ही नही निराश हो चुकी है ।
दुसरे तरफ प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने फिर से आश्वासन देते हुए कहा– आगामी वर्षात के मौसम आने से पहले सभी भूकम्प पीडितों को छत के निचे लाने के अभियान में सरकार जुटी हुई है बताया । उन्हों ने कहा– समस्या के वक्त सामूहिक रुप से वसोवास कर सके इस लिए अस्थायी आवासगृह की व्यवस्था सरकार मीलाएगी ।
प्रधानमन्त्री ओली ने भूकम्प के बाद का निर्माण कार्य अब तिब्र रुप में आगे बढने की प्रतिबद्धता के साथ ही ओली ने भूकम्प प्रतिरोधी एवम् सुरक्षीत घर निर्माण करवाने की सन्दर्भ में डिजाइन, नक्सा एवम् आर्थीक सहयोग द्रुत रुप से गाउँ–गाउँ में पहुँचाने का विश्वास दिलाया । Earthquake-Shifts-Kathmandu-by-3-Metres-But-Everest-Height-Unchanged-Say-Experts
गत वर्ष बैशाख १२ गते ११ बज कर ५६ मिनट में गोरखा जिला के बारपाक केन्द्रविन्दु बना ७ दशमलब ६ रेकटर स्केल भूकम्प आया था । भूकम्प आने का क्रम अभी भी जारी है । राष्ट्रीय भूकम्प मापन केन्द्र से प्राप्त जानकारी के मुताविक इन एक वर्ष में छोटा–बडा ३० हजार से अधिक पाराकम्प जाने की बात बताई ।
केन्द्र के मुतविक संवत १९९४ से वि.सं. २०७२ बैशाख १२ गते तक ६० हजार बार भूकम्प जा चुका है ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.