एम्बाप्पे बने लागतार दूसरी बार फीफा विश्वकप में गोल्डेन बूट प्राप्त करने वाले खिलाड़ी
काठमांडू, सावन ४ – फ्रांस के स्टार केलियन एम्बाप्पे ने लागतार दूसरी बार फीफा विश्वकप में गोल्डेन बूट प्राप्त किया है । फीफा विश्वकप में यह गोल्डन बूट सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है । गोल्डन बूट देने का चलन सन् १९८२ के विश्वकप से शुरु हुआ था ।
एम्बाप्पे ने इस विश्वकप के आठ खेलों में १० गोल किए । इसी तरह उन्हें चार गोल के लिए असिस्ट भी दिया गया था । एम्बाप्पे ने अर्जेटीना के कप्तान लियोनल मेस्सी को दो गोल से पीछे छोड़ दिया है । एम्माप्पे दो बार गोल्डेन बूट जितने वाले पहले खिलाड़ी हैं । २०२२ में भी उन्होंन ही यह अवॉर्ड जीता था ।
एम्बाप्पे ने सेनेगल, इराक, स्विडेन और इंग्लैंड के विरुद्ध दो –दो तथा मोरक्को और पाराग्वे के विरुद्ध एक–एक गोल किए ।
इससे पहले सन् १९८२ में इटली के पाब्लो रोसी, १९८६ में इंग्लैंड के ग्यारी लिनेकर, १९९० में इटली के साल्वाटोर शिलासी और १९९४ में रुस के ओलेग सालेन्को तथा बुल्गेरिया के ऋस्टो स्टोइचकोव ने गोल्डेन बूट जीता था ।
इसी तरह सन् १९९८ में क्रोएसिया के डेवोर सुकर, २०१४ में कोलम्बिया के जेम्स रोड्रिग्वे और सन् २०१८ में इंग्लैंड के ह्यारी केन, सन् २००२ में ब्राजील के रोनाल्डो, सन् २००६ में जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजले और २०१० में जर्मनी के थोमस मुलर ने भी गोल्डेन बूट जीता है । लेकिन लगातार दो बार गोल्डन बूट जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं एम्बाप्पे ।


