आन्दोलनकारीयों द्वारा उठाई गर्इं माग के विषय मे साझा धारणा बनाने को प्रधानमन्त्री ने बुलाई सर्वदलीय बैठक ।
काठमाण्डू, जेठ ११
आन्दोलनरत मधेस केन्द्रीत राजनीतिक दल ने आदिवासी–जनजाति सहित के अन्य दलों के साथ मिल कर पिछले कुछ महिने से राजधानी मे घेराऊ व विरोध प्रदर्शन सहित के कार्यक्रम जारी रखी हुई है । इसी बीच आन्दोलनकारीयों की माग के विषय मे साझा धारणा बनाने के लिए प्रधानमन्त्री केपी ओली ने आज मंगल बार सर्बदलीय बैठक बुलाई है ।

मधेस मे जारी आन्दोलन सहित समसामयिक विषय पर विचारविमर्श करने को सर्बदलीय बैठक बुलाई गई है । बैठक प्रधानमन्त्री कार्यालय सिंहदरबार मे साढे १० बजे आह्वाहन कीया गया है ।
एमाले प्रचार विभाग प्रमुख योगेश भट्टराई ने बताया– वर्ता के माध्यम से ही समस्या सामाधान करनी चाहिये, इस मे पार्टी तथा सरकार दोनों ही तत्पर है । भट्टराई ने दो प्रदेश ही निर्माण करने की बात पर सींमाकन के विषय मे चल रही विवाद को विज्ञ सम्मिलीत आयोग के माध्यम से भी सामाधान कीया जा सकता है बताया ।
माओवादी केन्द्र तथा विपक्षी नेपाल कांग्रेस सींमाकन हेरफेर के माग पर लचकता दिखा रही है । वही सरकार नेतृत्व करति आ रही नेकपा एमाले इस विषय मे तैयार नही दिखाइ दे रही है । बहरहाल कायम संख्या उपर–नीचे करने को भी विज्ञ टोली मार्फत करने की पक्ष मे है सरकार ।
गौरतलब है, मधेसी दल ने पुरे तराई–मधेस दो प्रदेश रखने की माग कर रही है । वहीं पर कांग्रेस सभापति शेरबहादुर देउवा सुदूर पश्चिम के दो जिला कैलाली एवम् कंचनपुर को पहाडी जिला से अलग नही करना चाहिये इस अडान पे जमे हुए है ।

