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चलती ट्रेन में महिला ने बच्चे को दिया जन्म, चार बच्चियों के बाद हुआ बेटे का जन्म

 

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*?चार बच्चियों के बाद हुआ बेटे का जन्म तो खुशी से झूम उठे परिजन*

*बेतिया.मधुरेश*-3 डिसिम्बर । बिहार प्रांत के नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर चलती ट्रेन में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। खुशी की बात यह है कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।आमतौर पर हम जिन सरकारी कर्मियों के कार्यकलापों पर छिटाकशीं करते हैं, उसी सरकारी कर्मियों ने प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को सहयोग कर संवेदनशीलता का मिशाल पेश किया। यह वाक्या आंनद विहार से सहरसा जानेवाली जनसाधारण एक्सप्रेस में शुक्रवार की रात तब देखने को मिला, जब चलती ट्रेन में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। यदि उस समय सहयात्री के रूप में मौजूद दो एएनएम ने सहयोग नहीं किया होता तो प्रसव पीड़ा की वेदना से जूझ रही महिला व उसके बच्चे की जान संकट में पड़ सकती थी।

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दरअसल पश्चिम चंपारण जिले के गौनाहा प्रखंड के भितिहरवा में कार्यरत ये दोनों एएनएम पूनम और अंजू नरकटियागंज जंक्शन पर इसी ट्रेन से अपने घर क्रमशः आरा व नालंदा जाने के लिए सवार हुई। ट्रेन में सवार होने कुछ ही देर बाद इन दोनों को पता चला कि डब्बे में सवार एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही है। अपने कर्तव्यबोध व मानवता से प्रेरित होकर इन दोनों स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत प्रसूता का सहयोग करना शुरू किया। इस महिला ने कुमारबाग व बेतिया स्टेशन के बीच रात करीब नौ बजे एक बच्चे को जन्म दिया।

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प्रसूता आनंद बिहार से अपने घर सहरसा के लिए चली थी। परिजनों ने बताया कि चार बच्चियों के बाद इस बच्चे का जन्म हुआ है। लिहाजा साथ में यात्रा कर रहे महिला के परिजनो में ख़ुशी है। ‬सहयात्री राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि इन्हीं दोनों ए एन एम के सहयोग के कारण जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। यात्रियों ने कहा कि दोनों एएनएम धन्यवाद की पात्र हैं। ट्रेन में यात्रा कर रहे सभी यात्री जच्चा-बच्चा की कुशलता के लिए सहयोग करने वाली दोनों एएनएम की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे थे।

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