संविधान में महिला हक अधिकार सम्बन्धी ऐन तथा विधेयक पर अन्तरक्रिया
काठमांडौ, पुस २८ । संविधान अन्तर्गत महिला हक अधिकार सम्बन्धी ऐन तथा विधेयक के विषय में आज एक कार्याक्रम के बिच अन्तरक्रिया किया गया ।

युएन वुमन तथा मिडिया एडभोकेसी ग्रुप नेपाल द्वारा संयुक्त रुप में ललितपुर में आयोजित कार्यक्रम में लैगिंक समानता तथा महिला सशक्तिकरण सम्बन्धी ४६ ठो संवैधानिक प्रावधान के आधार पर प्रचलित कानुन के पुनरावलोकन कर ४१ ठो ऐन तथा कानुन के उपर संशोधन का सुझाव प्रस्तुत किय गया ।
विभिन्न क्षेत्र के महिलाओं की सहभागिता रही कार्यक्रम में नागरिकता का हक, समानता का हक, शोषण विरुद्ध का हक, सामाजिक न्याय का हक, सामाजिक सुरक्षा का हक, सेना, राजनीतिक दल, राजदूत, संवैधानिक पद व सरकारी सेवा में समावेशिकरण सहित का २० विषययों पर संशोधन सुझाव प्रस्तुत किया गया ।
युएन वुमन की सरु जोशी श्रेष्ठ ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि सर्वसाधारण को समझ में आएं इस प्रकारका कानुन, ऐन लिखा जाना चाहिये तथा उसका कार्यान्वयन संबंधित विचार व्यक्त की । वार एशोसिएसन की केन्द्रिय अध्यक्ष उषा मल्ल पाठक ने ४६ काननु का पनरावलोकन कर संशोधन किया जाना आवश्यक होने की बात बताईं । उन्होंने बताया कि नईँ कानुन बनाने तथा प्रचलित कानुन को भी संशोधन किया जाना चाहिये ।
कार्यक्रम में अधिवक्ता ओमप्रकाश अर्याल, पुन्देवी महर्जन तथा प्रतिभा खनाल के परामर्श में कानुन के पुनरावलोकन सम्बन्धी कार्यपत्र प्रसतुत किया गया ।
कार्यक्रम में वार एशोसिएनसन की केन्द्रिय अध्यक्ष उषा मल्ल पाठक, युएन वुमन की सरु जोशी श्रेष्ठ, मिडिया एडभोकेसी ग्रुपकी संचालक बविता बस्नेत लगायत कानुनविद्, राजनीति कर्मियों सहित की उपस्थिति थीं ।

