डाेकलाम विवाद चीन का व्यवहार अपरिपक्व : अमेरिका
१३ अगस्त
भारत और चीन सेना के बीच सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में पिछले करीब दो महीनों से चल रहे गतिरोध पर अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
मौजूदा बयान में अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ ने कहा है कि डोकलाम मुद्दे पर भारत परिपक्व ताकत की तरह व्यवहार करता नजर आ रहा है और जबकि वहीं चीन क्रोधित टिनेजर की तरह पेश आ रहा है। शीर्ष अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ ने आगे कहा कि भारत और चीनी सेना के बीच डोकलाम में बीते 50 दिनों से एक- दूसरे का सामना करने के लिए डटे हुए हैं।
मामले में टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक यूएस नैवल वॉर कॉलेज के प्रोफेसर जेम्स आर होल्म्स ने भारत के रुख की प्रशंसा करते हुए कहा कि नई दिल्ली न तो विवाद से पीछे हटा है और न चीन की तरह पेश आया है। चीन की ओर से भारत को डोकलाम मुद्दे पर कई बार गीदड़भभकी मिल चुकी है। हालांकि भारत की ओर से इस प्रकार की कोई भी धमकी चीन को नहीं दी गई है। इसी को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत की परिपक्वता का परिचय देता है जहां चीन टिनेजर की तरह दिख रहा है। होल्मस ने आगे कहा कि अगर चीन समुद्री सामरिक रणनीति चाहता है, तो उसको सुरक्षित सीमा की आवश्यकता है। उसको पडोसी देशो से डरना नहीं चाहिए। मामले में अमेरिका के रुख पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हो सकता है कि विवाद अधिक बढ़ जाने पर अमेरिका भारत के समर्थन में उतर आए पर अभी शायद पीएम मोदी व भारतीय सलाहकार इस मामले पर अमेरिका का हस्तक्षेप न चाहते हों।
मामले में टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक यूएस नैवल वॉर कॉलेज के प्रोफेसर जेम्स आर होल्म्स ने भारत के रुख की प्रशंसा करते हुए कहा कि नई दिल्ली न तो विवाद से पीछे हटा है और न चीन की तरह पेश आया है। चीन की ओर से भारत को डोकलाम मुद्दे पर कई बार गीदड़भभकी मिल चुकी है। हालांकि भारत की ओर से इस प्रकार की कोई भी धमकी चीन को नहीं दी गई है। इसी को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत की परिपक्वता का परिचय देता है जहां चीन टिनेजर की तरह दिख रहा है। होल्मस ने आगे कहा कि अगर चीन समुद्री सामरिक रणनीति चाहता है, तो उसको सुरक्षित सीमा की आवश्यकता है। उसको पडोसी देशो से डरना नहीं चाहिए। मामले में अमेरिका के रुख पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हो सकता है कि विवाद अधिक बढ़ जाने पर अमेरिका भारत के समर्थन में उतर आए पर अभी शायद पीएम मोदी व भारतीय सलाहकार इस मामले पर अमेरिका का हस्तक्षेप न चाहते हों।
गौरतलब है कि एक तरफ डोकलाम क्षेत्र में कब्जे के इरादे से चीन लगातार भारत को युद्ध की धमकी देने से बाज नहीं आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ अब चीनी नौसेना की नजर हिंद महासागर पर है। भारतीय समुद्री इलाके के नजदीक चीन की पीएलए की मौजूदगी से बढ़ते दबाव के बीच उसकी नौसेना हिंद महासागर की सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत से हाथ मिलाना चाहती है।


