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काठमांडू में भारतीय साहित्यकारों का सम्मान एवं नेपाल–भारत काव्य संध्या

 

शा्निवार दिनांक २४ नवम्बर की संध्या में नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान एवं हिमालिनी हिन्दी मासिक पत्रिका के संयुक्त तत्वाधान में नेपाल भारत काव्यसंध्या का भव्य आयोजन किया गया जिसमें भारत से आए लगभग ४० साहित्यकारों ने शिरकत की । कार्यक्रम नेपाल प्रज्ञाप्रतिष्ठान कमलादी में आयोजित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठान के कुलपति श्री गंगाप्रसाद उप्रेती ने की । कश्मीर से लेकर केरल, आसाम, बंगाल, झारखंड, बिहार, गुजरात से आए समस्त साहित्यकारों का सम्मान प्रतिष्ठान के कुलपति डा. गंगाप्रसाद उप्रेती ने अंगवस्त्र प्रदान कर किया । भारत से आए टोली प्रमुख डा.रामचन्द्र राय(हिन्दी प्रचार सभा शांतिनिकेतन पश्चिम बंगाल), वरिष्ठ साहित्यकार प्रा.डा. उषा जी उपाध्याय(अहमदाबाद), वरिष्ठ हिन्दी सेवी डा. वीणा बुडकी(कश्मीर), नेपालप्रज्ञा प्रतिष्ठान के सदस्य सचिव जगतप्रसाद उपाध्याय, कवि श्री वसन्त चौधरी (अध्यक्ष,साकम), हिमालिनी के प्रबन्ध निदेशक ई. सच्चिदानन्द मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति थी | कार्यक्रम के महत्व पर हिमालिनी की सम्पादक डा.श्वेता दीप्ति ने प्रकाश डाला | तथा सफल संचालन श्री राजेन्द्र सलभ ने किया |

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भारतीय साहित्यकारों का स्वागत गंगाप्रसाद उप्रेती, श्वेता दीप्ति द्वारा,

कार्यक्रम में नेपाल एवं भारत के कवियों ने अपनी रचनाओं का वाचन किया । जिनके नाम इस तरह हैं—नेपाल से मोमिला बिना थिङ, विमला तुमखेवा, वसंत चौधरी, डा. श्वेता दीप्ति, विश्वमोहन श्रेष्ठ, किशोर पहाडी, विधान आचार्य, राजेन्द्र शलभ, संध्या पहाडी, रघुवीर शर्मा, भारतीय कवि वीणा बुडकी, प्रा. डा. उषा उपाध्याय, डा. अच्यूतानन, किरण कुमारी, पुण्या देवी, परवेज हुसैन, रंजीत गुगोई, मिताली भट्टाचार्य, वन्दना श्रीवास्तव, धनाकर ठाकुर थे । जिन्होंने असमी, बंगाली हिन्दी, संताली आदि भाषओं में कविता का वाचन किया । कार्यक्रम में नेपाल के कई गणमान्य साहित्यकारों की उपस्थिति थी । वरिष्ठ कवि वैरागी काइँला, तुलसी दिवस, डा. रामदयाल राकेश, प्रा.डा. उषा ठाकुर, तोया गुरुंग, राजेश्वर नेपाली आदि गणमान्य व्यक्तियों के साथ ही कई जाने माने हस्तियों ने कार्यक्रम में अपनी महत्तवपूर्ण उपस्थिति दर्ज करा कर कार्यक्रम की सफलता में अपना महत्तवपूर्ण योगदान दिया ।

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