‘राष्ट्रीय रक्त सम्राट’ प्रेमसागर कर्माचार्य नें १ सय ८८वीं बार रक्तदान किया

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल ।
नेपाल के सर्वाधिक स्वयंसेवी शतक रक्तदाता तथा ‘राष्ट्रीय रक्त सम्राट’ के रूप में परिचित नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रेमसागर कर्माचार्य ने रोल्पा जिला के सदरमुकाम लिवाङ में १ सय ८८वीं बार रक्तदान किया है ।
रक्तदान मार्फत समाज में स्वयंसेवी रक्तदान की सन्देश प्रवाह करते आ रहे प्रेमसागर कर्माचार्य ने १८ वर्ष उमेर पूरा हुये तथा कम से कम ४५ केजी तौल हुये स्वस्थ युवायुवति को रक्तदान करने के लिये उत्प्रेरित करने की उद्देश्य से देश के विभिन्न जिला में पहुँच कर स्वयं रक्तदान करते भी आ रहें हैं ।
उन्हों ने कर्णाली तथा लुम्बिनी प्रदेश के पहाडी जिलें में समेत रक्तदान अभियान को प्रोत्साहन करते आ रहे हैं प्रेमसागर कर्माचार्य ने इसे पहले मुगु, जुम्ला, जाजरकोट और सुर्खेत लगायत के जिला में रक्तदान कर चुके हैं । अइसे उन्हों सिन्धुपाल्चोक, गोरखा, बाजुरा, डडेल्धुरा, नुवाकोट, स्याङ्जा, बाँके, कञ्चनपुर बर्दिया लगायत देश के विभिन्न जिला में पहुँचकर रक्तदान किया है ।
प्रेमसागर कर्माचार्य ने रक्तदान को केवल रक्तदान केन्द्र व शहर में सीमित नखकर दुर्गम तथा पहाडी जिला तक पहँकर स्थानीय युवापुस्ताओं को स्वयंसेवी रक्तदान में जोड्ने की अभियान सञ्चालन करते आ रहें हैं । उन्हों ने अभियान से ‘रक्तदान जीवनदान हो’ मूल सन्देश की साथ–साथ स्वस्थ व्यक्ति ने नियमित रूप में रक्तदान कर सकते है वह उद्देश्य जनचेतना फैलाने में सहयोग पहँचाते आ रहें हैं ।
रक्त के अभाव के कारण कोई भी बिमारियों की मौत न हो वह उद्देश्य से प्रेमसागर कर्माचार्य ने लम्बे समय से स्वयंसेवी रक्तदाता अभियान में सक्रिय भूमिका निर्वाह करते आ रहें हैं । उन्हों ने विभिन्न जिला में पहँचकर रक्तदान करने की साथ–साथ स्थानीय युवायुवतिओं को नियमित रक्तदान में सहभागी होने के लिये समेत आह्वान करते आ रहें हैं ।
इसे पहले अषाढ महीने के २० गते कर्णाली प्रदेश के विकट मुगु जिला में उन्हों १ सौ ८७ वीं बार रक्तदान किया था ।


