मुख्यमंत्री-मंत्री भिडन्त, सोनल की अनुपस्थिति- खतरे का संकेत
जनकपुरधाम | प्रदेश नं. २ में ‘बेटी पढ़ाई, बेटी बचाई’ कार्यक्रम अन्तर्गत बेटी शिक्षा बीमा कार्यक्रम बिहीबार से औपचारिक रुप में शुरु की गई है । यह कार्यक्रम प्रदेश नं. २ सरकार की ओर से सञ्चालित है । बिहीबार वीरगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने १४ बालिकाओं को बीमा कार्ड हस्तान्तरण करते हुए यह कार्यक्रम शुरु की है ।
कार्यक्रम बहुत भव्य तरीके से शुरू हुआ, लेकिन कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के बरिष्ठ मंत्री जीतेन्द्र सोनल का नहीं आना कई सवाल खड़ा करता है ? मंत्री सोनल के साथ-साथ राजपा के प्रमुख नेतागण की अनुपस्थिति रही। गौरतलब है की मंत्री सोनल उस दिन पर्सा -बारा में ही थे। प्रदेश सरकार में मंत्री सोनल अहम भूमिका रखते है। सूत्रों से पता चला है की मधेश आंदोलन और मधेश बिरोधी रवैये के कारण मंत्री सोनल ओली सरकार से खफा रहते है है और उनके कार्यक्रम का बहिष्कार करते रहे है।
प्रदेश सरकार के नायक और संकटमोचन की भूमिका में रहे मंत्री सोनल की नाराजगी प्रदेश सरकार के लिए खतरे का संकेत हो सकता है। ज्ञात हो की मोदी भर्मण के समय केंद्र के आदेश के खिलाफ़ जाकर हिंदी में कार्यक्रम करने का निर्णय मंत्री सोनल का ही था। मुख्यमंत्री ने जो भाषण मोदी के सामने पढ़कर लोकप्रियता बटोरी वो भी मंत्री सोनल की ही योजना थी। भारत के मुख्यमंत्री योगी को लाने में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही, लेकिन उसी कार्यक्रम में उनको महत्वहीन करने की कोशिश की गई।
मंत्री सोनल मधेश बिरोधियों से किसी प्रकार के सहकार्य के खिलाफ रहते है, इसी कारण प्रचंड के कार्यक्रम में भी अनुपस्थित रहे। प्रदेश सरकार के कार्यक्रम जिसमे प्रधानमंत्री ओली की उपस्थिति थी उसमे भी औपचारिकता मात्र के लिए उनकी उपस्थिति रही।
मंत्री सोनल प्रदेश सरकार में मधेश आंदोलन के सबसे अग्रणी और सबसे लोकप्रिय नेता है। राजनितिक जीवन में मुख्यमंत्री राउत से सीनियर रहे है। भले ही गठबंधन धर्म का पालन करते हुए वो मंत्री है, लेकिन उनका कद मुख्यमंत्री से ऊचा माना जाता है। ऐसे में उनकी उपेक्षा प्रदेश २ के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।



