परिमल प्रवाह द्वारा हिंदी साहित्य समागम झारखंड में शुरू, नेपाल से डा.श्वेता दीप्ति सहभागी
झारखण्ड | साहित्यिक संस्था परिमल प्रवाह द्वारा आयोजित दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम शनिवार से शुरू हुआ जिसका उद्घाटन झारखंड के प्रथम विधान सभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने उद्घाटन किया । उन्होंने कहा कि साहित्य सृजन को बढ़ावा मिलना चाहिए उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता वन संरक्षक मनीष अरविंद ने किया। प्रोफेसर सुभाषचन्द्र मिश्र ने स्वागत मन्तव्य में कहा कि एक साहित्यकार व्यष्टि होते हुए भी साहित्य के माध्यम से व्यष्टि की सेवा करता है ।
समागम के दूसरे सत्र में आधुनिक हिंदी काव्यों में राष्ट्रीय चेतना विषय पर परिचर्चा हुई जिसमें नेपाल काठमांडू से आई अतिथि श्वेता दीप्ति ने चर्चा करते हुए कहा कि साहित्य देश की आत्मा होती है जो संवेदना और भावना से आबद्ध होती है ।इसी विषय पर जबलपुर के संजीव शर्मा सलील , केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची की पूजा शुक्ला, तथा पलामू के राजेश्वर पांडेय ने अपने मन्तव्य व्यक्त किये ।कार्यक्रम का संचालन परशुराम तिवारी ने किया । तीसरा सत्र कवि गोष्ठी का रहा जो देर रात तक चला ।











